अलवर की पहचान के तौर पर मशहूर कलाकंद को लेकर एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में बीते ढाई वर्षों के दौरान 500 से अधिक खाद्य नमूने गुणवत्ता के तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। इस खुलासे ने जिले में मिलावटखोरी की गहराई तक फैली समस्या को उजागर कर दिया है और आम लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है।
जांच में क्या आया सामने
विभाग की रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि बाजार में बिक रहे कई दुग्ध उत्पादों और मिठाइयों की गुणवत्ता संदेह के घेरे में है। इन्हीं उत्पादों की सूची में अलवर का वही कलाकंद भी शामिल है, जिसे जिले की खास सौगात माना जाता है। यही वजह है कि इन आंकड़ों ने उपभोक्ताओं को हैरान कर दिया है।
लगातार जारी है कार्रवाई
फूड सेफ्टी विभाग की ओर से लगातार सैंपलिंग और कार्रवाई की जा रही है। इसके बावजूद मिलावट का कारोबार पूरी तरह थम नहीं पाया है। विभाग का प्रयास है कि जांच के दायरे को और सख्त बनाकर इस गोरखधंधे पर लगाम कसी जाए।
सेहत पर मंडराता खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि मिलावटी मिठाइयों का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक साबित हो सकता है। ऐसी मिठाइयां लंबे समय में कई बीमारियों का कारण बन सकती हैं, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है।
उपभोक्ताओं के लिए सलाह
मिठाई खरीदते समय लोगों को गुणवत्ता, स्वच्छता और भरोसेमंद दुकानों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। थोड़ी-सी सावधानी मिलावट के खतरे से बचाव में बड़ी भूमिका निभा सकती है।
https://hindi.news18.com/news/rajasthan/alwar-health-alert-alwar-famous-kalakand-adulteration-over-500-food-samples-failed-in-two-and-half-years-local18-10566706.html