भोपाल में हथियार लाइसेंस के नियमों को लेकर हुई पुलिस कार्रवाई ने राजधानी के राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है। कोहेफिजा थाना पुलिस ने AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान के निजी सुरक्षा कर्मी उदयवीर सिंह सिकरवार के खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के पास मौजूद 12 बोर बंदूक का लाइसेंस समाप्त हो चुका था, इसके बावजूद वह एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हथियार लेकर पहुंचा था।
जांच में सामने आया कि इस बंदूक के लाइसेंस की वैधता 31 दिसंबर 2025 तक ही थी और उसके बाद इसका नवीनीकरण नहीं कराया गया। पुलिस ने हथियार और कारतूस अपने कब्जे में ले लिए हैं। मामले को इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि यह सुरक्षा कर्मी कथित तौर पर एक राजनीतिक दल के प्रदेश अध्यक्ष की सुरक्षा में तैनात था और बड़ी संख्या में लोगों के बीच हथियार के साथ मौजूद मिला।
कैसे पकड़ में आया मामला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार 11 जून की रात करबला रोड स्थित एक मस्जिद के सामने आयोजित “चाय पर चर्चा” कार्यक्रम के दौरान गश्त कर रही टीम की नजर एक हथियारधारी युवक पर पड़ी। पूछताछ में उसने अपना नाम उदयवीर सिंह सिकरवार, निवासी मुरैना बताया और खुद को AIMIM प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान का निजी सुरक्षा कर्मी बताया।
दस्तावेजों की पड़ताल के दौरान पुलिस को पता चला कि उसके पास मौजूद बंदूक का लाइसेंस अपनी निर्धारित अवधि पूरी कर चुका है। इसके बावजूद आरोपी हथियार लेकर कार्यक्रम में मौजूद था। पुलिस ने मौके पर ही बंदूक और कारतूस जब्त कर लिए। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि लाइसेंस समाप्त होने के करीब 162 दिन बाद भी आरोपी हथियार लेकर सार्वजनिक रूप से घूम रहा था, जिसके बाद पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।
शिकायत नहीं, नियमित जांच में सामने आया
पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह मामला किसी शिकायत के आधार पर नहीं, बल्कि नियमित जांच के दौरान उजागर हुआ। करबला रोड पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान पुलिस की नजर हथियार लेकर खड़े युवक पर पड़ी। जब उससे लाइसेंस से जुड़े दस्तावेज मांगे गए तो उसकी वैधता अवधि समाप्त होना सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने हथियार जब्त कर मामला दर्ज किया।
क्या कहता है आयुध अधिनियम
आयुध अधिनियम के तहत किसी भी लाइसेंसधारी को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने हथियार लाइसेंस का नवीनीकरण कराना अनिवार्य होता है। लाइसेंस समाप्त होने के बाद हथियार रखना या उसे सार्वजनिक स्थान पर लेकर चलना कानून का उल्लंघन माना जाता है। ऐसे मामलों में पुलिस हथियार जब्त कर सकती है और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार लाइसेंस के नवीनीकरण की जिम्मेदारी पूरी तरह हथियार धारक की होती है।
162 दिन तक नहीं हुआ नवीनीकरण
जांच में सबसे अहम तथ्य यह रहा कि लाइसेंस समाप्त होने के बाद लगभग 162 दिन तक उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया। पुलिस इसी बिंदु को गंभीरता से देख रही है। अधिकारियों का कहना है कि लाइसेंस समाप्त होने के बाद हथियार रखने की स्थिति में किसी व्यक्ति को वैध लाइसेंसधारी नहीं माना जा सकता।
मोहसिन अली खान फिलहाल AIMIM की मध्य प्रदेश इकाई के प्रदेश अध्यक्ष हैं। पार्टी की आधिकारिक जानकारी के अनुसार उन्हें प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी सौंपी गई है और वे भोपाल समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में संगठन विस्तार अभियान चला रहे हैं।
नोटिस देकर छोड़ा, जांच जारी
कोहेफिजा थाना पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बंदूक और कारतूस जब्त कर लिए हैं, हालांकि आरोपी को नोटिस देकर छोड़ दिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि लाइसेंस नवीनीकरण के लिए कोई आवेदन किया गया था या नहीं। साथ ही हथियार के उपयोग और उसके परिवहन से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
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