रांची की गौरी का कमाल: बेकार सुजनी से बने फैशनेबल कोट, Gen-Z के कपड़ों पर सजी मधुबनी पेंटिंग

रांची की डिजाइनर गौरी ने बेकार पड़ी सुजनी से फैशनेबल कोट और मधुबनी पेंटिंग वाले मॉडर्न कपड़े तैयार किए हैं, जो पैन इंडिया के साथ-साथ कनाडा तक पहुंच रहे हैं।

रचनात्मकता के कई रूप होते हैं, लेकिन जब बेकार समझ ली गई चीजों को नया जीवन मिल जाए तो वह कला और भी खास बन जाती है। रांची की गौरी इसकी जीती-जागती मिसाल हैं। बच्चों को सुलाने के काम आने वाली सुजनी से वे ऐसे आकर्षक कोट तैयार करती हैं कि जेन जी भी उनके मुरीद हो चुके हैं।

बेकार सुजनी से फैशनेबल कोट तक का सफर

गौरी बताती हैं कि बिहारी घरों में खासकर बच्चों को सुलाने के लिए सुजनी हाथ से तैयार की जाती है, जो बाद में बेकार पड़ी रहती है। उन्होंने उसी सुजनी से फैशनेबल कोट और कई टॉप बनाए हैं। आज के युवाओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने क्रॉप टॉप और ट्रेंच कोट जैसे परिधानों पर मधुबनी पेंटिंग की है, जिससे आधुनिक फैशन में पारंपरिक कला का तड़का लग गया है।

40 कलाकारों की टीम और कनाडा तक पहुंच

गौरी के अनुसार, उनके साथ 40 आर्टिस्ट जुड़े हुए हैं, जो हैंड प्रिंटिंग का काम संभालते हैं। उनके यहां ऐसे यूनिक कलेक्शन मिलते हैं जो शायद ही कहीं और देखने को मिलें। हालत यह है कि कनाडा से भी ऑर्डर आते हैं और पूरे देश में डिलीवरी होती है।

घर से शुरू हुआ काम

राजधानी रांची के कांके की रहने वाली गौरी बताती हैं कि उन्होंने यह काम अपने घर से ही शुरू किया था और अब उनकी आधिकारिक वेबसाइट तथा इंस्टाग्राम पेज भी है। वे कहती हैं कि मधुबनी पेंटिंग हमारी संस्कृति का हिस्सा है, इसलिए दादी-नानी को बनाते देखती आ रही हूं। बाजार में मधुबनी पेंटिंग वाली कई साड़ियां और सलवार सूट तो मिल जाते हैं, लेकिन युवाओं के लिए ऐसे टॉप और शर्ट नजर नहीं आ रहे थे।

तभी उन्होंने सोचा कि क्यों न आज के युवाओं को ध्यान में रखते हुए फैशनेबल कोट, ट्राउजर, कुर्ती, लॉन्ग कुर्ती और ट्रेंच कुर्ती तैयार की जाए और उन पर खूबसूरत पेंटिंग बनाई जाए। यही वजह है कि ऑफिसर वर्ग, सरकारी नौकरी करने वाली और कॉर्पोरेट जगत में काम करने वाली महिलाओं के बीच ये कुर्तियां खूब पसंद की जा रही हैं।

युवाओं के लिए क्रॉप टॉप और लूज शर्ट

गौरी की टीम युवाओं के लिए क्रॉप टॉप, क्रॉप शर्ट और लूज फिटिंग शर्ट भी बनाती है, जिन पर खूबसूरत मधुबनी पेंटिंग आर्ट देखने को मिलता है। इन परिधानों पर राम और सीता की जोड़ी, मछली, शादी की पवित्र रस्म और सिंदूर दान जैसे चित्र उकेरे जाते हैं, जो पहनने वाले को भीड़ से एकदम अलग और यूनिक लुक देते हैं।

हर दिन 15-20 ऑर्डर

गौरी कहती हैं कि उनसे एक बार सामान लेने वाला ग्राहक दोबारा जरूर लौटकर आता है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से हर दिन आसानी से 15-20 ऑर्डर आ जाते हैं। एक टॉप की कीमत 3 से ₹5000 की रेंज में रहती है, क्योंकि इसे बनाने में काफी मेहनत लगती है। एक-एक शर्ट पर पेंटिंग करने में एक से दो दिन का समय लग जाता है।

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