एक ऑलराउंडर जिसने मैदान पर मचाई थी धूम
क्रिकेट के इतिहास में कुछ खिलाड़ी ऐसे रहे हैं जिन्होंने अपने दम पर मैच का रुख पलट दिया। न्यूजीलैंड के क्रिस केर्न्स भी ऐसे ही ऑलराउंडरों में गिने जाते हैं, जो बल्ले और गेंद दोनों से विपक्षी टीम के लिए मुसीबत बन जाते थे। आक्रामक बल्लेबाजी और तेज गेंदबाजी के दम पर उन्होंने अपने दौर में दुनिया के बेहतरीन ऑलराउंडरों में अपनी जगह बनाई।
जब भारत के हाथ से छीन लिया खिताब
साल 2000 का चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल केर्न्स के करियर का सबसे यादगार पल बनकर उभरा। इस मुकाबले में टीम इंडिया खिताब के बेहद करीब पहुंच चुकी थी, लेकिन केर्न्स की मैच जिताऊ पारी ने सारा खेल पलट दिया। उन्होंने अकेले दम पर मोर्चा संभाला और न्यूजीलैंड को जीत की दहलीज तक पहुंचाते हुए भारत के हाथ से खिताब छीन लिया।
यह जीत न्यूजीलैंड क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक थी और केर्न्स को रातोंरात नायक बना गई। भारतीय प्रशंसकों के लिए यह हार जितनी पीड़ादायक थी, केर्न्स के लिए वह पल उतना ही गौरवपूर्ण रहा।
फिक्सिंग के आरोपों ने बदली कहानी
शानदार करियर के बावजूद केर्न्स का नाम बाद में मैच फिक्सिंग के विवादों से जुड़ गया। इन आरोपों ने न सिर्फ उनकी साख पर सवाल खड़े किए, बल्कि उनके उज्ज्वल करियर पर भी ऐसा दाग लगा दिया जिसे मिटा पाना मुश्किल रहा। जिस खिलाड़ी को कभी उसकी जुझारू पारियों के लिए याद किया जाता था, उसका नाम विवादों की सुर्खियों में आ गया।
विरासत पर पड़ी फिक्सिंग की छाया
क्रिस केर्न्स की कहानी क्रिकेट की दुनिया के उस सबक की तरह है, जिसमें उपलब्धियों की चमक के साथ-साथ विवादों का अंधेरा भी जुड़ा रहता है। मैदान पर उन्होंने जो कुछ हासिल किया, वह उन्हें महान ऑलराउंडरों की कतार में खड़ा करता है, लेकिन फिक्सिंग के आरोपों के साये ने उस विरासत को हमेशा के लिए धुंधला कर दिया।
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