पूर्णिया: झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज से मासूम की मौत, आरोपी फरार

पूर्णिया में पांव में कील गड़ने से सूजन के बाद झोलाछाप डॉक्टर धीरज मेहता का इंजेक्शन लगवाते ही एक बच्चा बेहोश हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। परिजनों ने चंपानगर थाने में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।

बिहार के पूर्णिया में एक झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज ने एक मासूम की जान ले ली। आरोप है कि गांव के ही तथाकथित डॉक्टर धीरज मेहता के दिए इंजेक्शन के बाद बच्चे की हालत अचानक बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद से आरोपी फरार बताया जा रहा है।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर सवाल

बिहार के स्वास्थ्य महकमे से जुड़ी लापरवाही की खबरें लगातार सामने आती रहती हैं। एक ओर सरकारी अस्पतालों में लोगों को बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी समुचित इलाज नहीं मिल पाता, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों के लोग छोटी-बड़ी बीमारियों के लिए झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे रहने को मजबूर हैं। कोई बड़ी घटना होने पर कुछ दिनों तक ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चलता है, लेकिन थोड़ा समय बीतते ही स्थिति फिर पुराने ढर्रे पर लौट आती है। आम लोगों को योग्य और जानकार चिकित्सकों से सस्ता इलाज मिल सके, इसके लिए कोई ठोस पहल नजर नहीं आती।

कैसे हुई घटना

मृत बच्चे के चाचा जितेंद्र ऋषि के मुताबिक, बच्चे के पांव में कील गड़ गई थी, जिसके कारण वहां सूजन आ गई थी। जब वे उसे लेकर गांव के ही डॉक्टर धीरज मेहता के पास पहुंचे तो उसने बच्चे को एक इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगने के तुरंत बाद बच्चा अचानक बेहोश हो गया।

अस्पताल में मृत घोषित

बेहोश होने के बाद बच्चे को जीएमसीएच लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से परिजनों में गहरा शोक और आक्रोश है।

परिजनों ने की कार्रवाई की मांग

पीड़ित परिवार ने इस मामले में चंपानगर थाने में आवेदन देकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद से आरोपी झोलाछाप डॉक्टर फरार है।

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