महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर सरगर्मी बढ़ गई है। चर्चा है कि उद्धव ठाकरे की पार्टी में दोबारा फूट पड़ सकती है और उनके कई सांसद एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के संपर्क में बताए जा रहे हैं। राज्य में चल रही इन्हीं अटकलों और 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चाओं के बीच ठाकरे ने अपने सांसदों की बैठक बुलाई है। यह बैठक रविवार 14 जून को दोपहर 12 बजे मातोश्री में होगी। शिवसेना यूबीटी के सांसदों के शिंदे गुट के संपर्क में होने की खबरों को देखते हुए इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है।
भाजपा का पलटवार
राज्य में 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर जारी सियासी बहस के बीच भाजपा नेता प्रवीण दारेकर ने विपक्ष के आरोपों पर जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा कोई कमजोर दल नहीं है और जो नेता सिर्फ घर में बैठकर राजनीति करते हैं, जनता अब उनसे ऊब चुकी है। दारेकर के मुताबिक, जो जनप्रतिनिधि अपने इलाके में सक्रिय रहकर लोगों के बीच काम करना चाहते हैं, वे अपनी मर्जी से भाजपा से जुड़ना चाहते हैं और पार्टी ने किसी पर कोई दबाव नहीं डाला है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
उद्धव ठाकरे की पार्टी में टूट की अटकलों पर महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भी बयान दिया है। 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर सपकाल ने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी दल जिस तरह की जोड़-तोड़ और दल-बदल की राजनीति कर रहे हैं, उससे साफ झलकता है कि वे राजनीतिक रूप से कमजोर हैं।
अगर भाजपा वाकई मजबूत होती तो उसे विपक्षी दलों को तोड़ने और उनके नेताओं को अपने पाले में लाने की जरूरत ही नहीं पड़ती। लेकिन ऐसा करना उनकी मजबूरी है, क्योंकि वे अपनी कमजोरी को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।
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