छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के जगदलपुर निवासी पूर्व सैनिक मूलचंद ठाकुर ने सेना से सेवानिवृत्ति के बाद दूसरी नौकरी की राह चुनने के बजाय खेती को अपनाया और गुलाब की हाईटेक खेती में कदम रखा। आज वे पॉलीहाउस में सफलतापूर्वक गुलाब उगा रहे हैं और इससे अच्छी आमदनी कमा रहे हैं। उनका कहना है कि दूसरे किसान भी उनके तरीके को अपनाकर बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं।
कम जोखिम वाली फायदेमंद फसल
गुलाब को अच्छी आमदनी देने वाली और अपेक्षाकृत कम जोखिम वाली फसल माना जाता है। इसकी खेती सामान्य खेतों के साथ-साथ पॉलीहाउस में भी की जा सकती है। यह एक सीजनल फसल है और एक बार रोपाई करने के बाद इससे चार साल तक उत्पादन लिया जा सकता है। सीजन के दौरान इसमें खासा मुनाफा मिलता है।
पॉलीहाउस पर सरकारी सब्सिडी
मूलचंद ठाकुर बताते हैं कि गुलाब की खेती के लिए पॉलीहाउस बनाने पर छत्तीसगढ़ सरकार 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देती है। वे फिलहाल पॉलीहाउस में ही गुलाब उगा रहे हैं और मानते हैं कि सरकारी मदद के साथ यह खेती किसानों के लिए और भी लाभकारी साबित हो सकती है।
45 दिन में शुरू होता है उत्पादन
उन्होंने बताया कि वे एक एकड़ में गुलाब की खेती कर रहे हैं और इसके लिए खेत वाली जमीन का होना जरूरी नहीं है। सबसे पहले एक बार हल चलाया जाता है, फिर जुताई की जाती है और उसके बाद रोटावेटर चलाया जाता है। इसमें बेड से बेड की दूरी एक फीट रखी जाती है, जबकि प्रत्येक बेड तीन फीट चौड़ा होता है।
पौधे से पौधे की दूरी भी एक फीट रखी जाती है। पौधों को बेड के दोनों किनारों पर लगाया जाता है और बीच में ड्रिप सिंचाई की व्यवस्था की जाती है। रोपाई के लगभग 45 दिन बाद उत्पादन शुरू हो जाता है, जो चार साल तक चलता रहता है।
कीटों से बचाव के लिए नियमित छिड़काव
इस खेती में 19:19:19, 05:23:34 तथा 00:34:12:61 जैसे उर्वरकों का इस्तेमाल किया जाता है। गर्मी के दिनों में फसल को बीमारियों से बचाने पर विशेष ध्यान देना पड़ता है। इस मौसम में थ्रिप्स और माइट्स जैसे कीटों का प्रकोप बढ़ जाता है, जिनके नियंत्रण के लिए दवाइयों का छिड़काव जरूरी हो जाता है। गर्मी के कारण इल्ली का प्रकोप भी बढ़ता है, इसलिए नियमित अंतराल पर स्प्रे करना पड़ता है।
लागत और कमाई का गणित
एक एकड़ में लगभग 22 हजार पौधे लगाए जाते हैं, जिनकी लागत करीब चार लाख रुपए आती है। इसके अलावा खाद, मजदूरी और अन्य खर्चों पर हर महीने लगभग 60 हजार रुपए का खर्च आता है। सीजन के समय इससे अच्छी आमदनी होती है, वहीं सामान्य दिनों में सभी खर्च निकालने के बाद करीब 40 हजार रुपए तक की बचत हो जाती है।
मूलचंद ठाकुर के मुताबिक, अगर पूरे साल का औसत देखा जाए और बाजार भाव अच्छा मिले, तो गुलाब की खेती से सालाना 6 से 10 लाख रुपए तक का मुनाफा कमाया जा सकता है।
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