Govindpuri Fire Tragedy: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी क्षेत्र में गुरुवार की देर रात भड़की भयानक आग ने समूचे मोहल्ले को हिलाकर रख दिया। कड़ी गर्मी और रात के सन्नाटे के बीच अचानक उठे धुएं और लपटों के बीच लोग अपनी जान बचाने के लिए जद्दोजहद करते दिखे। इमारत में रहने वाले कुछ लोगों ने साड़ियों के सहारे खिड़कियों से नीचे उतरने की कोशिश की, तो कई छत पर पहुंचकर मदद के लिए चिल्लाते रहे। इस हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
रात ढाई बजे मच गई अफरा-तफरी
पुलिस के अनुसार, तुगलकाबाद एक्सटेंशन में बनी पांच मंजिला रिहायशी इमारत में रात करीब 2:30 बजे आग लगने की सूचना मिली। कुछ ही मिनटों में आग और धुआं पूरी इमारत में फैल गया। संकरी गली में खड़ी इस इमारत के आसपास रहने वाले लोगों की नींद अचानक उठी चीख-पुकार और धुएं से टूटी।
स्थानीय निवासी राजन ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले रात करीब दो बजे धुआं उठते देखा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। उनके मुताबिक, मोहल्ले के लोगों ने शुरुआत में आग पर काबू पाने की कोशिश भी की, लेकिन तब तक भूतल पर खड़े दोपहिया वाहन आग की चपेट में आ चुके थे। आग तेजी से फैली और हालात बेकाबू हो गए।
जान बचाने के लिए जोखिम उठाते रहे लोग
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे-जैसे इमारत के भीतर धुआं भरता गया, लोगों के लिए सांस लेना दूभर हो गया। ऐसे में कई निवासियों ने खिड़कियों से बाहर निकलने का खतरा मोल लिया। कुछ ने साड़ियों को आपस में बांधकर अस्थायी रस्सी बनाई और उसी के सहारे नीचे उतरकर अपनी जान बचाई। वहीं कुछ लोग इमारत के पिछले हिस्से से बाहर निकलने में कामयाब रहे।
छत से लगातार आती रहीं मदद की गुहार
हादसे के दौरान सबसे हृदयविदारक दृश्य उन लोगों का था, जो इमारत की छत पर फंसे रह गए। पड़ोस में रहने वाली सुमन बताती हैं कि आग के बढ़ने के साथ छत से लगातार 'बचाओ-बचाओ' की आवाजें आ रही थीं। उन्होंने कहा, "लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे, लेकिन आग इतनी भयावह थी कि कोई भी अंदर जाकर उन्हें बाहर नहीं निकाल पा रहा था। हर कोई बेबस होकर बस देखता रह गया।"
आठ लोगों को सुरक्षित निकाला गया
पुलिस और दमकलकर्मियों की मदद से इमारत में फंसे आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सभी को तत्काल सफदरजंग अस्पताल और एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। हालांकि, एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान नहीं बचाई जा सकी। मृतकों की पहचान 28 वर्षीय पंकज, उनकी 50 वर्षीय मां गुड्डी और 20 वर्षीय बहन सोनी के रूप में हुई है। ये सभी तीसरी मंजिल पर रहते थे। परिवार की 18 वर्षीय एक अन्य सदस्य और 70 वर्षीय नानी गंभीर रूप से झुलस गईं, जिनका इलाज जारी है।
घने धुएं की चपेट में आ गया पूरा इलाका
आसपास रहने वाली नीलू देवी ने बताया कि आग से उठे घने धुएं ने पूरे इलाके को अपनी गिरफ्त में ले लिया था। हालत ऐसी थी कि थोड़ी दूर तक भी कुछ साफ नजर नहीं आ रहा था। उन्होंने कहा, "धुआं हमारी बिल्डिंग तक पहुंच गया था। जैसे ही हमें आग का पता चला, हम तुरंत घर छोड़कर बाहर निकल आए।"
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह भूतल पर हुए संभावित शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। हालांकि पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले की विस्तृत पड़ताल कर रही है, ताकि आग की असल वजह सामने आ सके। स्थानीय पार्षद चौधरी भागबीर का कहना है कि अभी तक किसी साजिश या गड़बड़ी के संकेत नहीं मिले हैं। इस दुखद हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा है। पड़ोसियों के अनुसार, रातभर गूंजती रहीं चीखें और मदद की गुहार अब भी उनके कानों में गूंज रही हैं।
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