PoK में पाकिस्तान के खिलाफ भड़की बगावत, 1000 से ज्यादा गिरफ्तार, 10 दिन से इंटरनेट ठप, लंदन-न्यूयॉर्क तक उबाल

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी का आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा, रावलाकोट समेत कई इलाकों में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। 1000 से ज्यादा गिरफ्तारियों, 10 दिन से इंटरनेट बंदी और जरूरी सामान की किल्लत ने हालात को और गंभीर बना दिया है।

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार और उसके सुरक्षा बलों के प्रति लोगों का आक्रोश थमता नजर नहीं आ रहा। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की अगुआई में शुरू हुआ लॉन्ग मार्च अब अपने चौथे दिन में पहुंच गया है। रावलाकोट समेत कई इलाकों से प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच ताजा टकराव की खबरें सामने आ रही हैं।

चार दिनों में 1000 से ज्यादा हिरासत में

सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की दमनकारी कार्रवाई और तेज हो गई है। पिछले चार दिनों के भीतर 1000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। ताजा कार्रवाई में कम से कम 100 और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पाकिस्तान आंदोलन को कुचलने के लिए बड़े पैमाने पर बल का इस्तेमाल कर रहा है।

10 दिन से इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद

हालात इसलिए भी बिगड़ते जा रहे हैं क्योंकि कई इलाकों में करीब 10 दिनों से इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं ठप पड़ी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि संचार सेवाएं बंद होने से आपातकालीन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और दवाइयों तथा जरूरी सामान की भारी किल्लत पैदा हो गई है।

सड़कें बंद होने के कारण आवश्यक आपूर्ति भी रुक गई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तानी प्रशासन लोगों को समझौते के लिए विवश करने के मकसद से व्यापार और जरूरी वस्तुओं की सप्लाई को दबाव के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।

लंदन से न्यूयॉर्क तक गूंज

PoK में जारी कार्रवाई का असर विदेशों तक भी पहुंच चुका है। विदेश में रहने वाले कश्मीरी प्रवासी समूहों ने ब्रिटेन और अमेरिका में पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। लंदन स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन और न्यूयॉर्क में पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शन हुए, जिनमें पाकिस्तान पर अत्यधिक बल प्रयोग, बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों और इंटरनेट बंदी के जरिए आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया गया।

खबर है कि ब्रिटेन में करीब 50 सांसदों ने भी ब्रिटिश सरकार को पत्र लिखा है। इस पत्र में नागरिकों के हताहत होने, गिरफ्तारियों और डिजिटल ब्लैकआउट को लेकर चिंता जताते हुए कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग की गई है।

JAAC का दो टूक संदेश

जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आंदोलन से पीछे नहीं हटेगी। संगठन के नेताओं ने कहा, ‘आंदोलन पर कोई समझौता नहीं होगा।’ JAAC नेताओं का कहना है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे बलिदान देने तक के लिए तैयार हैं। उन्होंने रावलाकोट में जारी धरनों को ‘अस्थायी’ बताते हुए दावा किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है।

मुजफ्फराबाद की ओर बढ़ेगा मार्च

प्रदर्शनकारियों ने अपने लॉन्ग मार्च को मुजफ्फराबाद की ओर जारी रखने का ऐलान किया है। वहीं पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां जगह-जगह भीड़ को रोकने और मार्च को बिखेरने की कोशिश में जुटी हैं। इस बीच कुछ स्थानीय लोगों ने दावा किया कि झड़पों के दौरान एक रेंजर्स जवान को लोगों ने पकड़ लिया था, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

https://hindi.news18.com/world/pakistan-crackdown-on-pok-protests-jaac-long-march-muzaffarabad-pakistan-news-10563057.html