खुफिया एजेंसी की कमान विलियम पुल्टे को, ट्रंप ने तुलसी गबार्ड की जगह सौंपी जिम्मेदारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को विलियम जे. पुल्टे को नेशनल इंटेलिजेंस का अंतरिम डायरेक्टर नियुक्त किया है। यह फैसला तुलसी गबार्ड के इस पद से इस्तीफा देने के बाद लिया गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को विलियम जे. पुल्टे को नेशनल इंटेलिजेंस का अंतरिम डायरेक्टर नियुक्त किया है। पुल्टे मौजूदा समय में फेडरल हाउसिंग फाइनेंस एजेंसी (FHFA) के डायरेक्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इस खुफिया पद से कुछ ही दिन पहले तुलसी गबार्ड ने इस्तीफा दिया था।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर इस नियुक्ति का ऐलान किया। उन्होंने लिखा, “मैं फेडरल हाउसिंग फाइनेंस एजेंसी के डायरेक्टर और फैनी मे/फ्रेडी मैक के चेयरमैन विलियम जे. पुल्टे को नेशनल इंटेलिजेंस के एक्टिंग डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त कर रहा हूँ।”

राष्ट्रपति ने आगे कहा कि विलियम के पास अमेरिका के सबसे गंभीर मामलों को संभालने और फैनी मे/फ्रेडी मैक में 10 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की रकम को देखने का गहरा अनुभव है।

गबार्ड ने क्यों छोड़ा पद

इस पद पर इससे पहले तुलसी गबार्ड तैनात थीं। उन्होंने 23 मई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। गबार्ड ने तब कहा था कि उन्हें यह जिम्मेदारी छोड़नी पड़ रही है क्योंकि उनके पति कैंसर से जूझ रहे हैं। उनके मुताबिक, उनके पति को हाल ही में हड्डी के कैंसर का पता चला था।

नियुक्ति पर खड़ा हुआ विवाद

पुल्टे को खुफिया प्रमुख बनाए जाने के साथ ही इस पर विवाद भी छिड़ गया है। एक्स पर एक यूजर ने उनकी आलोचना करते हुए लिखा कि खुफिया भूमिका में किसी भी पूर्व अनुभव से वंचित पुल्टे को कुछ लोग “ट्विटर परोपकार” के अग्रणी के रूप में जानते हैं। आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने फॉलोअर्स को सैकड़ों हजारों डॉलर बांटकर लोकप्रियता हासिल की।

ट्रंप विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

दरअसल, फेडरल हाउसिंग फाइनेंस एजेंसी के डायरेक्टर रहते हुए पुल्टे ने ट्रंप के कई विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई थी। इनमें न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स, सांसद एरिक स्वेलवेल, सीनेटर एडम शिफ और फुल्टन काउंटी की वकील फानी विलिस जैसे बड़े डेमोक्रेट नेता शामिल रहे।

पुल्टे ने इन नेताओं पर धोखाधड़ी जैसे आरोप लगाते हुए जस्टिस डिपार्टमेंट से जांच कराने को कहा था। हालांकि सभी नेताओं ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। कुछ मामलों में जांच शुरू भी हुई, लेकिन बाद में अदालत ने भी आरोपों को खारिज कर दिया।

इन घटनाक्रमों के बाद ट्रंप प्रशासन पर यह आरोप लगे कि वह सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक बदले के लिए कर रहा है। इसी कारण गवर्नमेंट अकाउंटेबिलिटी ऑफिस ने भी पुल्टे के खिलाफ शक्तियों के दुरुपयोग की जांच शुरू कर दी थी।

खुफिया मामलों का अनुभव नहीं

सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि बिल पुल्टे के पास राष्ट्रीय सुरक्षा या खुफिया मामलों का खास अनुभव नहीं माना जाता। इसके बावजूद ट्रंप ने उन पर भरोसा जताया है। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि जब तक सीनेट की मंजूरी से स्थायी खुफिया प्रमुख की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक पुल्टे ही यह जिम्मेदारी संभालेंगे। अब देखना यह होगा कि बिल पुल्टे की यह नई भूमिका अमेरिकी राजनीति पर कितना बड़ा असर डालती है।

https://hindi.news18.com/world/america-donald-trump-appointed-william-j-pulte-as-director-of-national-intelligence-tulsi-gabbard-10534202.html