उदयपुर का बहुचर्चित कन्हैयालाल टेलर हत्याकांड एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। इसकी वजह बने हैं वे गोविंद सिंह राजपुरोहित, जो इस हत्याकांड के समय धान मंडी थाने के प्रभारी थे और घटना के बाद वहां से हटा दिए गए थे। इंस्पेक्टर से डीएसपी बने राजपुरोहित का हाल ही में गिर्वा सर्किल में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के पद पर तबादला हुआ है, जिसका कन्हैयालाल के परिजनों ने कड़ा विरोध जताया है। इसी विरोध के बाद उनकी ज्वॉइनिंग को मौखिक आदेश से रोक दिया गया है।
तबादला सूची से फिर उठा बवाल
राजस्थान पुलिस मुख्यालय की ओर से हाल ही में राजस्थान पुलिस सेवा (RPS) के अधिकारियों के स्थानांतरण की एक लंबी-चौड़ी सूची जारी की गई थी। यह सूची सामने आते ही बड़ा विवाद खड़ा हो गया और इसके साथ ही उदयपुर का चर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड दोबारा सुर्खियों में आ गया। इस सूची में हत्याकांड के समय धान मंडी थाने के प्रभारी रहे गोविंद सिंह राजपुरोहित को उदयपुर के गिर्वा सर्किल में डीएसपी के पद पर भेजा गया है। इस फैसले पर कन्हैयालाल के परिजनों ने तीखी आपत्ति जताई। सूत्रों के अनुसार राजपुरोहित की ज्वॉइनिंग मौखिक रूप से रोक दी गई है।
28 जून 2022 की वारदात
उदयपुर का यह हत्याकांड 28 जून 2022 को हुआ था और देशभर में चर्चित रहा। आतंकी घटना के रूप में देखे गए इस मामले में कन्हैयालाल की उनकी दुकान में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने इस वारदात का लाइव वीडियो बनाया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे न सिर्फ राजस्थान बल्कि पूरे देश में सनसनी फैल गई और तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
धान मंडी थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद उदयपुर कई दिनों तक दहशत के साये में रहा। पूरा शहर सुरक्षा बलों के घेरे में आ गया, कई दिनों तक बंद रहा और इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित रखी गईं। शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
राजपुरोहित समेत कई अधिकारियों पर हुई थी कार्रवाई
घटना के बाद उस समय धान मंडी थाने के प्रभारी गोविंद सिंह राजपुरोहित को पद से हटा दिया गया था। उनके अलावा थाने के कई पुलिसकर्मियों और कई वरिष्ठ अधिकारियों पर भी गाज गिरी थी। पुलिस पर आरोप था कि मामले में ढिलाई बरती गई, जिसकी वजह से उदयपुर पर इस हत्या का धब्बा लगा। बाद में इस मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई थी। हत्या के दोनों आरोपी रियाज और गौस मोहम्मद को घटना के तुरंत बाद ही गिरफ्तार कर लिया गया था।
इस मामले के काफी समय बाद राजपुरोहित पदोन्नत होकर डीएसपी बन गए और अब उनका तबादला उदयपुर के गिर्वा सर्किल में पुलिस उपाधीक्षक के रूप में किया गया है। फिलहाल वे बांसवाड़ा के साइबर क्राइम सेल में कार्यरत हैं। इस पोस्टिंग से कन्हैयालाल के बेटे, जो पिता की निर्मम हत्या का दंश झेल रहे हैं, बेहद नाराज हो गए।
परिवार अब भी न्याय की राह में
राजपुरोहित की पोस्टिंग के बाद कन्हैयालाल के बेटे ने बयान जारी कर आरोप लगाया कि उनका परिवार आज भी न्याय का इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि कोर्ट में भी मामला अभी बहुत आगे नहीं बढ़ पाया है, और ऐसे में उस समय लापरवाही बरतने वाले धान मंडी थाने के सीआई गोविंद सिंह राजपुरोहित को दोबारा उदयपुर लाना किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
परिजनों ने यह भी कहा कि वे इस पूरे मामले को लेकर आईजी को ज्ञापन सौंपेंगे और गोविंद सिंह का उदयपुर तबादला आदेश रद्द करने की मांग करेंगे। इसके बाद परिवार का विरोध प्रदेश मुख्यालय तक पहुंच गया। सूत्रों के अनुसार मंगलवार देर रात प्रदेश पुलिस मुख्यालय की ओर से मौखिक आदेश जारी कर गोविंद सिंह राजपुरोहित को गिर्वा में ज्वॉइनिंग न करने के निर्देश दे दिए गए।
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