स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की नई रिपोर्ट में पहली बार यह संकेत दिया गया है कि भारत ने कम से कम 12 परमाणु वारहेड को तैनात (deployed) कर दिया है। इसे भारत की परमाणु तैयारियों की दिशा में एक उल्लेखनीय बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। अब तक यही धारणा थी कि भारत शांतिकाल में अपने परमाणु वारहेड और मिसाइल लॉन्चर्स को अलग-अलग रखता है, लेकिन यह रिपोर्ट पहली बार बता रही है कि देश ने वारहेड को Operational Deployment की स्थिति में रखना शुरू कर दिया है।
रिपोर्ट में क्या नया है
SIPRI की Nuclear Weapons Tracking Report में पहली बार यह दर्ज किया गया है कि भारत ने परमाणु वारहेड तैनात किए हैं। इससे पहले इस रिपोर्ट के सभी संस्करणों में भारत के परमाणु हथियारों को केवल Stockpiled Arsenal के रूप में वर्गीकृत किया जाता रहा है और उन्हें परिचालन तैनाती की स्थिति में नहीं माना गया था। इसी वजह से इस आकलन को एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है।
भारत के परमाणु हथियारों की संख्या
रिपोर्ट के अनुसार जनवरी 2026 तक भारत के पास करीब 190 परमाणु हथियार हैं, जबकि 2025 में यह संख्या 180 थी। ये 190 हथियार एक विकसित हो रही न्यूक्लियर ट्रायड का हिस्सा हैं, जिसमें विमान (Aircraft), जमीन से दागी जाने वाली मिसाइलें (Land-Based Missiles) और परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां (SSBNs) शामिल हैं। इसके साथ ही भारत अतिरिक्त मिसाइलों के लिए नए वारहेड भी तैयार कर रहा है।
पनडुब्बी बेड़े का विस्तार
भारत अपने Ship, Submersible, Ballistic, Nuclear (SSBN) पनडुब्बी बेड़े को तेजी से बढ़ा रहा है। फिलहाल भारतीय नौसेना के पास तीन SSBN हैं — INS Arihant, INS Arighaat और INS Aridhaman, जिसे अप्रैल 2026 में कमीशन किया गया। चौथी पनडुब्बी INS Arisudan के 2027 में सेवा में शामिल होने की उम्मीद है।
सैटेलाइट इमेजरी से पता चलता है कि INS Aridhaman और INS Arisudan, पहली दो SSBNs की तुलना में करीब 16 से 18 मीटर अधिक लंबी हैं। इन दोनों में आठ Missile Tubes लगाए गए हैं, जो INS Arihant और INS Arighaat में मौजूद मिसाइल ट्यूबों की संख्या से दोगुने हैं। इसके अलावा भारत S5 क्लास की नई SSBN भी विकसित कर रहा है। यह कार्यक्रम पूरा होने पर भारत के पास एक साथ 6 से 8 SSBN हो सकते हैं।
मिसाइल क्षमता और परीक्षण
तीनों परिचालन SSBNs में सबसे पहले शामिल की गई INS Arihant को K-15 Short-Range SLBM (Submarine-Launched Ballistic Missile) से लैस माना जाता है, और K-15 मिसाइल का परीक्षण अब तक केवल INS Arihant से ही किया गया है। वहीं INS Arighaat ने K-4 Intermediate-Range SLBM का दो बार परीक्षण किया है, जिसका सबसे हालिया परीक्षण दिसंबर 2025 में हुआ था।
रिपोर्ट के मुताबिक इस मिसाइल को पूरी तरह परिचालन (Operational) बनाने से पहले और परीक्षणों की जरूरत पड़ सकती है। SIPRI का यह भी आकलन है कि K-4 के पूरी तरह Operational हो जाने के बाद K-15 मिसाइल को सेवा से हटाया जा सकता है।
सीमित तैनाती का आकलन
SIPRI के अनुसार जनवरी 2026 तक भारत ने संभवतः अपनी एक SSBN पर करीब 12 परमाणु वारहेड की सीमित तैनाती शुरू कर दी है। हालांकि संस्था ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस आकलन को लेकर अभी पर्याप्त अनिश्चितता बनी हुई है।
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