राजस्थान की उप निरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा-2021 के पेपर लीक प्रकरण में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। लंबे समय से फरार चल रहे और 10 हजार रुपये के इनामी सहायक लेखाधिकारी नागेश कुमार यादव को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है।
कैसे हुआ पेपर लीक का सौदा
जांच में सामने आया कि नागेश यादव ने अपने सहकर्मी पुरुषोत्तम दाधीच से 7.50 लाख रुपये में परीक्षा का पेपर खरीदा था। इसके बाद उसने यह पेपर अपने भाई सुरजीत सिंह यादव तक पहुंचाया।
भाई बना मेरिट सूची में टॉपर
परीक्षा से पहले सुरजीत सिंह यादव को हल किया हुआ (सॉल्व्ड) पेपर पढ़ाया गया। इसी का नतीजा रहा कि वह मेरिट सूची में 18वें स्थान पर चयनित हो गया। उसे हिन्दी विषय में 200 में से 190.79 अंक और सामान्य ज्ञान में 158.27 अंक हासिल हुए थे।
कहां से बाहर आया पेपर
SOG की पड़ताल में यह भी उजागर हुआ कि यह पेपर सबसे पहले तत्कालीन RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा के जरिए बाहर निकला था।
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