दादाजी धूनीवाले मंदिर में लगेगा 100 करोड़ का मकराना मार्बल, सांसद-कलेक्टर ने मकराना जाकर परखी गुणवत्ता

खंडवा में श्री दादाजी धूनीवाले के भव्य मंदिर निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक का मकराना मार्बल लगाया जाएगा। पत्थर की गुणवत्ता परखने के लिए सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल और कलेक्टर समेत एक दल राजस्थान के मकराना पहुंचा।

खंडवा में श्रद्धा के प्रमुख केंद्र श्री दादाजी धूनीवाले मंदिर का कायाकल्प होने जा रहा है। यहां बनने वाला नया मंदिर अपनी भव्यता और सुंदरता के लिए पहचाना जाएगा। इस निर्माण की सबसे बड़ी विशेषता इसमें इस्तेमाल होने वाला सफेद संगमरमर यानी मकराना मार्बल होगी। बताया जा रहा है कि मंदिर में करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक का मार्बल लग सकता है।

मकराना में मंदिर समिति की बड़ी तैयारी

मंदिर निर्माण के लिए मार्बल चयन की प्रक्रिया अब तेज हो चुकी है। हाल ही में मंदिर निर्माण समिति और जनप्रतिनिधियों का एक दल राजस्थान के मकराना पहुंचा। इस दल में खंडवा के सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, कलेक्टर और विधायक प्रतिनिधि मुकेश जी शामिल रहे। दल ने वहां दो दिन तक रुककर मार्बल की बारीकियों को समझा और सप्लायर्स के साथ बैठक की।

100 करोड़ से ज्यादा का अनुमानित खर्च

मंदिर निर्माण में मार्बल की खरीद पर करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान है। मंदिर के भव्य स्वरूप के लिए लगभग 1.5 लाख घनफुट पत्थर का उपयोग किया जाएगा। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के अनुसार, पत्थर की क्वालिटी और मात्रा को देखते हुए यह बजट 100 करोड़ के ऊपर ही रहेगा। समिति का प्रयास है कि बाजार दर से कम कीमत पर सबसे अच्छी गुणवत्ता का मार्बल खरीदा जाए।

सप्लायर चयन के लिए कड़े मानक

मकराना दौरे के दौरान टीम ने 15 से ज्यादा मार्बल सप्लायरों के बाड़ों का निरीक्षण किया। वहां पत्थर की क्वालिटी, मात्रा और रेट पर विस्तार से बातचीत हुई। मकराना में मार्बल की कई किस्में उपलब्ध हैं, जिन्हें समझना काफी कठिन होता है, इसलिए विशेषज्ञों की मदद से बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है। टीम ने करीब 7-8 सप्लायरों को शॉर्टलिस्ट किया है।

5 जुलाई तक भेजने होंगे पिलर

शॉर्टलिस्ट किए गए सप्लायरों से कहा गया है कि वे 5 जुलाई (गुरु पूर्णिमा) से पहले मार्बल का एक-एक पिलर खंडवा भेजें। इन पिलरों की जांच के बाद ही यह तय होगा कि किस सप्लायर से माल लिया जाएगा। निर्माण समिति मार्बल की डिजाइन, मजबूती और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करना चाहती। अगले एक महीने के भीतर सप्लायर का अंतिम चयन कर लिया जाएगा।

जुलाई से बढ़ेगी निर्माण की रफ्तार

मंदिर निर्माण को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है। मंदिर की नींव का काम जून के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जुलाई महीने से यानी गुरु पूर्णिमा के बाद निर्माण कार्य की गति और बढ़ाई जाएगी। निर्माण समिति यह सुनिश्चित कर रही है कि निर्धारित बजट में ही बेहतर गुणवत्ता की सामग्री उपलब्ध हो। दादाजी धूनीवाले का यह मंदिर आने वाले समय में देशभर के भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।

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