तेजी से पूरा हुआ निर्माण कार्य
वाराणसी के गंजारी इलाके में आकार ले रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण अब अपने अंतिम चरण में है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस परियोजना का 98 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और शेष 2 प्रतिशत निर्माण कार्य को इसी महीने के अंत तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। वर्तमान में स्टेडियम के भीतर डमरू के आकार वाले विशाल मीडिया सेंटर को फिनिशिंग का काम दिया जा रहा है। इस सेंटर में ग्लास लगाने की प्रक्रिया 60 प्रतिशत से अधिक पूरी हो चुकी है। निर्माण कार्य की गति को देखते हुए यह उम्मीद की जा रही है कि खेल प्रेमियों को जल्द ही इस विश्वस्तरीय सौगात का तोहफा मिलेगा।
दिसंबर में हो सकता है उद्घाटन
स्टेडियम के उद्घाटन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 दिसंबर को इस भव्य स्टेडियम का उद्घाटन कर सकते हैं। हालांकि, अभी तक इस तारीख की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर चर्चाओं का बाजार गर्म है। इस महत्वपूर्ण दौरे से पहले, एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष जय शाह और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला के नवंबर के तीसरे सप्ताह में यानी 18 से 20 नवंबर के बीच वाराणसी आकर स्टेडियम का निरीक्षण करने की संभावना है।
ट्रायल मैचों का शेड्यूल
स्टेडियम तैयार होते ही यहां क्रिकेट की गतिविधियों की शुरुआत हो जाएगी। प्रोजेक्ट डायरेक्टर सरोज शुक्ला ने बताया कि निर्माण कंपनी एलएनटी की देखरेख में काम अंतिम रूप ले रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि दिसंबर महीने में ही स्टेडियम में ट्रायल मैच आयोजित किए जाएंगे। इसके तहत पहला अंडर-19 टूर्नामेंट मैच 3 से 6 दिसंबर के बीच खेला जा सकता है। इसके तुरंत बाद 11 से 14 दिसंबर के बीच दूसरा महत्वपूर्ण मुकाबला प्रस्तावित है। ये मैच स्टेडियम की पिच और अन्य तकनीकी सुविधाओं के परीक्षण के लिए बेहद अहम होंगे।
शिव की थीम पर आधारित अद्भुत डिजाइन
इस स्टेडियम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी वास्तुशिल्प है, जिसे पूरी तरह से महादेव की नगरी वाराणसी के अनुरूप तैयार किया गया है। स्टेडियम की फ्लड लाइट्स को भगवान शिव के त्रिशूल का आकार दिया गया है, जो 90 टन वजनी है और इन्हें 6 चरणों में स्थापित किया गया है। स्टेडियम की बाहरी दीवारों पर भगवान शिव के प्रिय बेलपत्र की आकृति उकेरी गई है। इसके अलावा, स्टेडियम की छत का डिजाइन साक्षात भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान अर्धचंद्र की तरह है। यह अनूठी थीम इसे दुनिया के अन्य क्रिकेट स्टेडियमों से अलग और खास बनाती है।
तकनीकी और दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं
स्टेडियम को आधुनिक तकनीकी मापदंडों के साथ सुसज्जित किया गया है। यदि भारी बारिश होती है, तो भी यहां का उन्नत ड्रेनेज सिस्टम इतना प्रभावी है कि महज 30 मिनट के भीतर मैदान को दोबारा खेलने के लिए तैयार किया जा सकता है। परिसर में खुद का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी एसटीपी लगाया गया है, ताकि उपयोग किए गए जल को पुनर्चक्रित करके दोबारा इस्तेमाल में लाया जा सके। इसके अलावा, दिव्यांग दर्शकों का विशेष ध्यान रखते हुए पूरे स्टेडियम में लिफ्ट और अन्य सुगम रास्तों की व्यवस्था की गई है। दर्शकों के लिए विशाल पार्किंग बनाई गई है, जहाँ दोपहिया और चारपहिया वाहनों की पर्याप्त जगह होगी।
तीन साल में तैयार हुई शानदार परियोजना
इस परियोजना पर कुल 451 करोड़ रुपये की लागत आई है। साल 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला रखी थी। मात्र तीन वर्षों के रिकॉर्ड समय में इसे पूरा करना निर्माण टीम की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। शिलान्यास के समय भी क्रिकेट जगत के कई दिग्गज हस्तियां उपस्थित थीं और उद्घाटन समारोह में भी खेल जगत के कई बड़े चेहरों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। अभी तक स्टेडियम के आधिकारिक नाम पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, जिस पर प्रधानमंत्री कार्यालय की मुहर लगना बाकी है। जल्द ही आधिकारिक घोषणा के साथ इस स्टेडियम का नाम सबके सामने आ जाएगा।
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