दीपावली की खुशियां: भीलवाड़ा डेयरी के 55 हजार पशुपालकों को 12 करोड़ का तोहफा, दूध पर मिलेगी अतिरिक्त कमाई

दीपावली के मौके पर भीलवाड़ा दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ अपने पशुपालकों को 12 करोड़ रुपये का बोनस देने जा रहा है। इसके अलावा राज्य सरकार से मिलने वाले 5 रुपये प्रति लीटर अनुदान से दूध उत्पादकों की आय में बड़ा इजाफा होगा।

पशुपालकों के लिए दिवाली का तोहफा

इस बार भीलवाड़ा के पशुपालकों के लिए दीपावली का त्योहार आर्थिक खुशहाली लेकर आया है। भीलवाड़ा दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ ने अपने पशुपालकों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। डेयरी प्रबंधन ने घोषणा की है कि दीपावली के शुभ अवसर पर लगभग 12 करोड़ रुपये का बोनस बांटा जाएगा। इस निर्णय से जिले से जुड़े करीब 55 हजार पशुपालकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। बोनस की यह राशि बिना किसी देरी के सीधे पशुपालकों के बैंक खातों में ऑनलाइन माध्यम से हस्तांतरित कर दी जाएगी।

बोनस और दूध संग्रहण का गणित

डेयरी की ओर से यह बोनस पूरे वर्ष किए गए दूध संग्रहण के आधार पर दिया जा रहा है। बोनस की दर 50 पैसे प्रति लीटर निर्धारित की गई है। सरल शब्दों में कहें तो जिस पशुपालक ने सालभर में जितना दूध डेयरी को उपलब्ध कराया है, उसी अनुपात में उनके खाते में राशि जमा होगी। भीलवाड़ा डेयरी की कार्यक्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां रोजाना 4.30 लाख से 4.50 लाख लीटर तक दूध एकत्र किया जा रहा है। दुग्ध संग्रहण के मामले में भीलवाड़ा डेयरी का स्थान जयपुर के बाद पूरे राजस्थान में दूसरा है, जो जिले के किसानों की मेहनत को दर्शाता है।

राज्य सरकार का अनुदान और भुगतान

भीलवाड़ा दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के प्रबंध संचालक त्रिभुवन पाटीदार ने बताया कि पशुपालकों के लिए यह दोहरा फायदा है। बोनस के अतिरिक्त, राज्य सरकार की ओर से दूध खरीद पर 5 रुपये प्रति लीटर का विशेष अनुदान दिया जा रहा है। यह अनुदान सीधे दूध खरीद के आंकड़ों पर आधारित है। पाटीदार के अनुसार, सरकार की ओर से प्रतिदिन लगभग 20 लाख रुपये का अनुदान डेयरी को प्राप्त हो रहा है। इसके साथ ही, डेयरी पशुपालकों से दूध की खरीद 9.30 रुपये प्रति फैट की दर से कर रही है। इससे दूध की गुणवत्ता और फैट प्रतिशत के आधार पर पशुपालकों को बाजार में सबसे बेहतर कीमत मिल रही है। सरकार द्वारा दी जा रही इस आर्थिक मदद और दीपावली बोनस के तालमेल से पशुपालकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

40 टन मिठाइयों की बिक्री का लक्ष्य

दीपावली के मौके पर भीलवाड़ा डेयरी ने केवल पशुपालकों को बोनस देने की तैयारी ही नहीं की है, बल्कि बाजार में अपनी शुद्ध मिठाइयों के माध्यम से भी बड़ी उपस्थिति दर्ज कराने का लक्ष्य रखा है। डेयरी ने इस त्योहारी सीजन में 40 टन शुद्ध मिठाइयां बेचने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इन मिठाइयों में मावे का पेड़ा, काजू कतली, रसगुल्ला, गुलाब जामुन और सोन पापड़ी जैसे व्यंजन शामिल हैं। इन मिठाइयों को जनता तक आसानी से पहुँचाने के लिए डेयरी ने बड़े स्तर पर इंतजाम किए हैं। शहर के भीतर 50 और ग्रामीण क्षेत्रों में 50 विशेष काउंटर लगाए जाएंगे, ताकि लोगों को शुद्धता और गुणवत्ता युक्त मिठाइयां मिल सकें।

आर्थिक मजबूती की दिशा में निरंतर प्रयास

भीलवाड़ा डेयरी का मुख्य उद्देश्य हमेशा से यही रहा है कि पशुपालन से जुड़े लोगों को उनके दूध का उचित मूल्य मिले। दीपावली के इस बोनस और सरकारी अनुदान के माध्यम से डेयरी प्रबंधन ने यह सुनिश्चित किया है कि जिले के पशुपालक आर्थिक रूप से सशक्त बनें। डेयरी की यह पहल न केवल त्यौहार की खुशियों को दोगुना कर रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्रदान करने का कार्य कर रही है। इस प्रकार, दिवाली का यह अवसर भीलवाड़ा के पशुपालकों के लिए वाकई एक बड़ी सौगात बनकर आया है।

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