संजौली में हिंदू संघर्ष समिति के 4 नेताओं की गिरफ्तारी से बवाल, मुस्लिम पीड़िता पिता संग थाने के बाहर धरने पर, लंबे जाम से लोग परेशान

शिमला के संजौली में एक नाबालिग मुस्लिम लड़की से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी का जुलूस निकालने पर हिंदू संघर्ष समिति के चार नेताओं की गिरफ्तारी हुई, जिसके विरोध में पीड़िता और उसके पिता समेत कई लोग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए।

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से सटे संजौली में रविवार को जबरदस्त हंगामे का माहौल रहा। एक नाबालिग मुस्लिम लड़की से छेड़छाड़ के आरोप में आरोपियों का जुलूस निकाले जाने के बाद यहां तनाव गहरा गया। पुलिस ने आरोपी की परेड निकालने के मामले में हिंदू संघर्ष समिति के चार सदस्यों को हिरासत में ले लिया, जिसके विरोध में पीड़ित लड़की, उसके पिता और कई अन्य लोग संजौली थाने के बाहर धरने पर बैठ गए।

हैरान करने वाली बात यह रही कि इस प्रदर्शन में पीड़ित मुस्लिम परिवार की बेटी और उसके पिता ही गिरफ्तार किए गए हिंदू नेताओं के समर्थन में खड़े नजर आए। उल्लेखनीय है कि शनिवार को ही शिमला में हिंदू संगठनों ने कुछ युवकों को आरोपी बताते हुए उनका जुलूस निकाला था।

हिंदू नेताओं की गिरफ्तारी की वजह

संजौली में दर्जी अज़ीम मिर्ज़ा ने हिंदू संगठन के नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि इन नेताओं ने उनकी दुकान में तोड़फोड़ की और मौके पर मौजूद लड़कों को भी प्रताड़ित किया। शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने सबसे पहले दो नेताओं विजय शर्मा और मदन ठाकुर को गिरफ्तार किया। इसके बाद रविवार सुबह श्वेता चौहान और कल्पना शर्मा को भी हिरासत में ले लिया गया।

इस गिरफ्तारी के बाद संजौली में एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई। पीड़ित बेटी का कहना है कि हिंदू संगठनों ने उनका साथ दिया, इसके बावजूद उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने ऐलान किया कि जब तक पुलिस इन नेताओं को रिहा नहीं करती, वे इसी तरह धरने पर बैठी रहेंगी। बेटी ने यह भी दावा किया कि वे बिना खाना और पानी के अपना प्रदर्शन जारी रखेंगी।

पीड़िता के पिता ने भी आरोप लगाया कि उन पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी हिंदू संगठनों के दबाव में ही हुई। उनका कहना था कि यह हिंदू और मुसलमान का मुद्दा नहीं है, क्योंकि बेटी तो सभी की सांझी होती है।

मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी

इस पूरे प्रकरण के मुख्य आरोपी उबैद को शनिवार देर रात हिंदू संगठनों के प्रदर्शन के दबाव में गिरफ्तार कर लिया गया था। फिलहाल पुलिस हालात पर काबू पाने की कोशिश में जुटी है। इस दौरान पुलिस और धरने पर बैठे लोगों के बीच कई बार बहसबाजी भी होती रही।

शिकायत और पुलिस का पक्ष

शिमला पुलिस के अनुसार, पीड़िता का बयान धारा 183 BNS के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किया गया। जांच के दौरान पीड़िता के आगे आए बयान के आधार पर मामले में धारा 4 पॉक्सो अधिनियम और धारा 64 बीएनएस भी जोड़ी गईं। इसके बाद आरोपी उबैद (22) पुत्र मोहम्मद शहजाद, निवासी कृष्णा नगर (स्थायी पता वीपीओ भनेरा, तह नज़ीबाबाद, ज़िला बिजनौर, उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने बताया कि 6 जून को हिंदू संघर्ष समिति के लोगों ने दुकान में जबरन घुसकर तोड़फोड़ की और आरोपी के परिजनों के साथ मारपीट करते हुए उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित कर परेड करवाई। पुलिस का कहना है कि जिन लोगों के साथ यह घटना हुई, उनके नाम न तो मूल शिकायत में थे और न ही पीड़िता ने अपने बयानों में उनका कोई जिक्र किया था।

इसी आधार पर धारा 333, 115(2), 351(2), 191(2), 190, 324(4), 196 और 304 BNS के तहत मामला दर्ज किया गया। इस मामले में मदन ठाकुर (निवासी गांव देवघोड़ी, डाकघर सालाना, शिमला), विजय शर्मा (निवासी कुमार भवन, संजौली), श्वेता चौहान (निवासी धींगू धार, संजौली) और कल्पना शर्मा (निवासी परमेश्वरी निवास, नार्थ ओक) को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों मदन शर्मा और विजय ठाकुर का दो दिन का पुलिस रिमांड मिला है।

आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड

शिमला की एएसपी महर पंवर ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी विजय शर्मा के खिलाफ पहले 7 और मदन ठाकुर के खिलाफ 10 आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। इनमें दंगा, शांति भंग करने तथा विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने और धार्मिक सौहार्द को प्रभावित करने से जुड़े मामले भी शामिल हैं।

देर रात तक जारी रहा धरना

संजौली में पुलिस चौकी के सामने पीड़िता, उसके पिता समेत अन्य लोग धरने पर बैठे रहे और हिंदू नेताओं की रिहाई की मांग करते रहे। इस दौरान इलाके में लंबा जाम लग गया, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह धरना रात 11 बजे तक चलता रहा और इस बीच पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी होती रही।

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