बिहार के शिक्षा विभाग में बड़ा बदलाव, कार्यभार संभालते ही एक्शन में एसीएस सीके अनिल

बिहार शिक्षा विभाग के नए अपर मुख्य सचिव सीके अनिल ने पदभार संभालते ही कड़े फैसले लिए हैं, जिसमें शिक्षकों के लिए नया ड्रेस कोड और उपस्थिति की सख्त मॉनिटरिंग शामिल है।

नए एसीएस का सख्त रुख

बिहार के शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है और नए अपर मुख्य सचिव यानी एसीएस के तौर पर सीके अनिल ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। कुर्सी संभालते ही उन्होंने अपनी कार्यशैली का परिचय देते हुए विभाग के कामकाज में अनुशासन और सख्ती लाने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्कूलों के शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य शिक्षकों की जवाबदेही तय करना और स्कूल परिसरों में शालीनता बनाए रखना है।

दो दिनों में मांगी उपस्थिति रिपोर्ट

सीके अनिल ने राज्य के सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी यानी डीईओ और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी यानी डीपीओ को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे शिक्षकों की उपस्थिति की गहन समीक्षा करें। विभाग की ओर से इस संबंध में एक पत्र जारी किया गया है, जिसके अनुसार अधिकारियों को आगामी दो दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी।

विभाग ने विशेष रूप से ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर शिक्षकों की दैनिक उपस्थिति का पूरा डेटा तलब किया है। इस रिपोर्ट में विभाग को निम्नलिखित जानकारियां उपलब्ध करानी होंगी:

  • पोर्टल पर प्रतिदिन अपनी इन और आउट उपस्थिति दर्ज करने वाले शिक्षकों की कुल संख्या।
  • ऐसे शिक्षकों का पूरा विवरण जो पोर्टल पर किसी भी दिन अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा रहे हैं।
  • मार्क ऑन ड्यूटी यानी Mark on Duty विकल्प के माध्यम से हाजिरी लगाने वाले शिक्षकों की सटीक संख्या।

इन आंकड़ों के जरिए विभाग उन शिक्षकों की पहचान करेगा जो हाजिरी लगाने में लापरवाही बरत रहे हैं या उपस्थिति प्रणाली के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे शिक्षकों पर अब कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

स्कूलों में जींस-टीशर्ट पर लगा बैन

अनुशासन के दायरे को बढ़ाते हुए शिक्षा विभाग ने अब ड्रेस कोड पर भी कड़ा रुख अपनाया है। राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की पहल पर यह निर्णय लिया गया है कि भविष्य में स्कूलों का माहौल गरिमामय बना रहे। इस नए निर्देश के अनुसार, अब सरकारी स्कूलों में शिक्षक और अन्य कर्मचारी ड्यूटी के दौरान जींस और टी-शर्ट नहीं पहन सकेंगे। उनके लिए फॉर्मल ड्रेस पहनना पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग का मानना है कि शिक्षकों का पहनावा उनके पद की गरिमा के अनुरूप होना चाहिए, जिससे छात्रों पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।

डीजे और डिस्को कार्यक्रमों पर भी रोक

केवल ड्रेस कोड और उपस्थिति ही नहीं, बल्कि स्कूली आयोजनों को लेकर भी विभाग ने स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। स्कूलों के भीतर डीजे और डिस्को जैसे कार्यक्रमों के आयोजन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। शिक्षा कैलेंडर में दर्ज विशेष अवसरों के अलावा किसी भी अन्य मौके पर नृत्य या संगीत के कार्यक्रमों को आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी। यदि किसी स्कूल में इन नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित संस्थान के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सभी डीईओ और डीपीओ को हिदायत दी गई है कि वे अपने-अपने जिलों के सभी स्कूलों में शैक्षणिक वातावरण की शुचिता बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क रहें और किसी भी तरह की अनैतिक गतिविधियों पर नजर रखें।

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