ठाणे: पत्नी के सीने पर बैठकर चाकू से वार करने वाले पति को 10 साल की कठोर सजा, 40 फीसदी हाथ हुए बेकार

महाराष्ट्र के ठाणे में एक अदालत ने पत्नी पर जानलेवा हमला करने वाले 32 वर्षीय ऑटो ड्राइवर को 10 साल की कठोर कैद सुनाई है। इस वहशियाना हमले के कारण पीड़िता के दोनों हाथ 40 प्रतिशत तक हमेशा के लिए दिव्यांग हो गए हैं।

ठाणे अदालत का कड़ा फैसला

महाराष्ट्र के ठाणे में एक दिल दहला देने वाली घटना के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वी. एल. भोसले की अदालत ने एक बड़ा निर्णय सुनाया है। अदालत ने 32 वर्षीय ऑटो ड्राइवर नाजिम दाऊद खान को अपनी पत्नी पर चाकू से जानलेवा हमला करने का दोषी करार दिया है। इस अपराध के लिए उसे 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। यह खौफनाक वारदात वर्ष 2021 में घटित हुई थी, जब आरोपी ने अपनी पत्नी की जान लेने का प्रयास किया था। इस हमले का शिकार बनी महिला के दोनों हाथ 40 प्रतिशत तक हमेशा के लिए बेकार हो गए हैं। अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 307 और धारा 324 के तहत दोषी पाया है। सजा सुनाते हुए कोर्ट ने साफ लहजे में कहा कि इस तरह की दरिंदगी समाज में स्वीकार्य नहीं है और इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

घटना की पृष्ठभूमि और विवाद की वजह

अभियोजन पक्ष द्वारा कोर्ट में रखी गई जानकारी के अनुसार, नाजिम और पीड़िता रुबीना का विवाह वर्ष 2016 में हुआ था। इस दंपति के दो बेटे भी हैं। हालांकि, वैवाहिक जीवन की शुरुआत से ही विवादों का साया रहा। नाजिम नशे का आदी था और अक्सर रुबीना के साथ मारपीट किया करता था। रोज-रोज के झगड़ों और प्रताड़ना से तंग आकर रुबीना घटना से करीब आठ महीने पहले अपने मायके चली गई थी। 29 नवंबर 2021 का दिन उस समय खूनी मोड़ पर आ गया जब नाजिम अपने ससुराल पहुंचा। ससुराल में गद्दे बनाने का कारखाना था। नाजिम ने वहां पहुंचकर रुबीना पर दबाव बनाया कि वह वापस उसके साथ चले। जब रुबीना ने उसके साथ जाने से स्पष्ट मना कर दिया, तो नाजिम वहां से गुस्से में चला गया, लेकिन मात्र आधे घंटे के भीतर वह एक धारदार चाकू लेकर वापस लौटा और उसने रुबीना पर हमला कर दिया।

किस तरह दिया गया वारदात को अंजाम?

आरोपी ने रुबीना को दौड़ाकर पकड़ा और फिर बर्बरता की सारी हदें पार करते हुए वह महिला की छाती पर जा बैठा। इसके बाद उसने महिला के सीने और हाथों पर चाकू से दनादन वार किए। हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रुबीना की चीख-पुकार सुनकर वहां काम करने वाला कर्मचारी मोहम्मद इसाक उसे बचाने के लिए आगे आया। हैवानियत के नशे में चूर नाजिम ने उसे भी नहीं बख्शा और उस पर भी चाकू से वार कर दिया। घटनास्थल पर मौजूद अन्य लोगों ने साहस दिखाते हुए आरोपी को दबोच लिया और किसी तरह उसे काबू में किया। लोगों ने फौरन लहूलुहान महिला को अस्पताल पहुंचाया। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, चाकू के गहरे घावों के कारण महिला के दोनों हाथ 40 प्रतिशत तक हमेशा के लिए दिव्यांग हो चुके हैं।

कोर्ट द्वारा तय किया गया जुर्माना और मुआवजा

न्यायाधीश ने नाजिम को हत्या के प्रयास का दोषी मानते हुए 10 साल की कठोर सजा और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अतिरिक्त, बीच-बचाव करने वाले गवाह मोहम्मद इसाक पर हमला करने के आरोप में उसे 2 साल की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना अलग से मिला है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माने की राशि में से 20 हजार रुपये पीड़ित पत्नी को और 5 हजार रुपये जख्मी चश्मदीद मोहम्मद इसाक को देने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, अदालत ने पीड़िता को भविष्य में आर्थिक मदद और राहत दिलाने के लिए इस मामले को ठाणे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पास भी भेजा है, ताकि उसे पीड़ित मुआवजा योजना के तहत लाभ मिल सके।

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