संघर्ष से सफलता तक पहुंचने की कई कहानियां आपने सुनी होंगी, लेकिन यह कहानी हौसले और विश्वास की है। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में रहने वाले जगदीश कुमार शाह कक्षा ग्यारहवीं में फेल हो गए थे। उस समय कई लोगों ने उन्हें ताने दिए, मगर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। आज वही जगदीश सऊदी अरब की एक बड़ी कंपनी में डायरेक्टर के पद पर हैं और उनके नेतृत्व में करीब 200 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं।
आस्था से बदली सोच
जगदीश कुमार शाह का मानना है कि यह बदलाव भगवान स्वामीनारायण की भक्ति और प्रेरणा से ही संभव हो सका। उनके अनुसार, ग्यारहवीं में असफल होने के बाद जब वे इस आस्था से जुड़े, तभी उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली और पढ़ाई-लिखाई में उनका मन लगने लगा।
फेल होने पर मिले ताने
वे बताते हैं कि जब वे कक्षा 11वीं में फेल हुए, तो उनके रिजल्ट को लेकर लोग मजे लेने लगे और कई लोगों ने तो खुलकर मजाक तक उड़ाया। घर-परिवार के लोग भी नाराज हो गए। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे।
12वीं में किया टॉप
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि भगवान स्वामीनारायण के सामने पहुंचकर उन्होंने सद्बुद्धि की कामना की। इसके बाद उनका मन पढ़ाई में लगने लगा और उन्होंने कक्षा 12वीं फर्स्ट क्लास के साथ टॉप की। आगे की पढ़ाई जारी रखते हुए उन्होंने इंजीनियरिंग की और फिर सऊदी अरब की एक बड़ी कंपनी में डायरेक्टर बने।
आस्था से गहरा जुड़ाव
जगदीश कुमार शाह का भगवान स्वामीनारायण से गहरा लगाव है। वे साल में चार बार भगवान स्वामीनारायण के मंदिर में दर्शन करने के लिए जरूर आते हैं और अपनी सफलता का श्रेय इसी आस्था और निरंतर मेहनत को देते हैं।
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