सोते समय मुंह से लार टपकना: क्या यह महज एक सामान्य स्थिति है या फिर किसी गंभीर बीमारी का संकेत?

सोते समय तकिए पर लार के निशान होना काफी सामान्य माना जाता है, लेकिन कई बार यह किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या की ओर इशारा भी हो सकता है। जानिए इसके मुख्य कारण और डॉक्टर की सलाह।

सोते समय लार बहने का रहस्य

नींद के दौरान मुंह से लार का टपकना या सुबह सोकर उठने पर तकिए पर लार के गीले निशान मिलना एक बहुत ही आम अनुभव है। अधिकतर लोग इसे लेकर ज्यादा चिंता नहीं करते, लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या यह पूरी तरह से सामान्य है या फिर यह किसी छिपी हुई बीमारी का संकेत है। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. क्षितिजा पाठक इस विषय पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताती हैं कि इसके पीछे के शारीरिक और चिकित्सीय कारण क्या हो सकते हैं।

क्यों टपकती है लार?

विशेषज्ञों के अनुसार, तकिए पर लार के निशान मिलने का हमेशा सेहत से सीधा लेना-देना नहीं होता है। जब कोई व्यक्ति गहरी नींद में होता है और करवट लेकर या पेट के बल सोता है, तो गुरुत्वाकर्षण के कारण मुंह से लार का बाहर निकलना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। हालांकि, यदि यह समस्या बहुत ज्यादा होने लगे, तो इसके पीछे कुछ अंदरूनी कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। सोते समय मुंह खोलकर सांस लेना लार टपकने का सबसे मुख्य कारण माना जाता है।

मुंह से सांस लेने की स्थिति तब बनती है जब नाक से हवा का प्रवाह किसी वजह से बाधित होता है। इसके कई कारक हो सकते हैं, जैसे:

  • नाक का बंद रहना या एलर्जी की समस्या।
  • नाक की हड्डी का टेढ़ा होना जिसे मेडिकल भाषा में डेविएटेड नेजल सेप्टम कहा जाता है।
  • एडेनॉइड्स का आकार बढ़ जाना।
  • टॉन्सिल का बढ़ना।
  • ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया जैसी नींद संबंधी बीमारियां।

इनके अलावा, भोजन निगलने में कठिनाई, तंत्रिका तंत्र यानी नर्वस सिस्टम से संबंधित विकार और कुछ विशिष्ट दवाओं का सेवन भी लार के अधिक उत्पादन या अनियंत्रित स्राव का कारण बन सकता है।

बचाव और सही आदतें

अगर कभी-कभार ही तकिए पर लार के निशान दिखते हैं और आपको शरीर में कोई अन्य परेशानी महसूस नहीं होती है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सोने के सही तरीकों को अपनाएं, नाक की एलर्जी का उपचार करवाएं और यदि नाक बंद रहने की समस्या है, तो उसे ठीक करें। भरपूर मात्रा में पानी पीना और मुख की स्वच्छता का ध्यान रखना भी मददगार साबित होता है। हालांकि, ध्यान रखें कि केवल पानी का सेवन करना ही इस समस्या का पूर्ण समाधान नहीं है।

डॉक्टर को कब दिखाना जरूरी है?

अगर आपको लगातार बहुत ज्यादा मात्रा में लार आने की शिकायत है, तो इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है। यदि लार के साथ-साथ आपको ये लक्षण भी महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत किसी ईएनटी विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए:

  • सोते समय तेज खर्राटे लेना।
  • नींद के दौरान अचानक सांस रुकना या दम घुटने जैसा महसूस होना।
  • कुछ भी निगलते समय परेशानी महसूस होना।
  • लगातार नाक बंद रहने की समस्या।

डॉक्टर की जांच के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि कहीं समस्या नाक के अंदर किसी रुकावट, बढ़े हुए टॉन्सिल या नींद से जुड़ी किसी गंभीर विकार के कारण तो नहीं है। इसे महज एक आदत समझकर अनदेखा करने के बजाय सही समय पर चिकित्सा सलाह लेना बेहतर होता है।

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