हिमाचल में सक्रिय हुआ अर्नब तूफान का असर
हिमाचल प्रदेश में करवा चौथ के पावन अवसर पर मौसम ने करवट ले ली है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान अर्नब का सीधा असर पहाड़ी राज्य के मौसम पर दिखाई दे रहा है। 29 अक्टूबर की सुबह राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जबकि राज्य की ऊंची चोटियों पर ताज़ा हिमपात होने की खबरें प्राप्त हुई हैं। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए राज्य के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
इन इलाकों में दर्ज की गई बारिश और बर्फबारी
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के ताजा अपडेट के अनुसार, बीते 12 घंटे में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां रिकॉर्ड की गई हैं। सबसे अधिक बारिश सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में 4 एमएम दर्ज की गई है। इसके अलावा, कांगड़ा में 1.8 एमएम, जबकि शिमला, कुफरी और कोटखाई में 0.3 एमएम बारिश मापी गई है। वहीं, भुंतर और भरमौर में भी हल्की बारिश दर्ज हुई है। लाहौल स्पीति की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि मंडी के धर्मपुर और शिमला शहर में भी सुबह के समय बारिश ने ठंड में इजाफा कर दिया है। सुंदर नगर और जुब्बड़ हट्टी समेत कुछ इलाकों में तेज आंधी भी चलने की सूचना मिली है।
तापमान में गिरावट और येलो अलर्ट
तूफान के प्रभाव के कारण तापमान में काफी गिरावट देखने को मिल रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिन के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है। निचले मैदानी इलाकों में तापमान 26 से 30 डिग्री सेल्सियस और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में 18 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। शिमला स्थित मौसम वैज्ञानिक शोभित कटियार ने जानकारी दी कि आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद अर्नब तूफान कमजोर होकर उत्तर-पश्चिम दिशा में ओडिशा और छत्तीसगढ़ की तरफ बढ़ रहा है, जिसका असर हिमाचल के वातावरण पर बना हुआ है। सिरमौर, सोलन और शिमला में ओलावृष्टि की संभावना भी बनी हुई है।
पांच जिलों में तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग ने 29 और 30 अक्टूबर के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। सिरमौर, सोलन, शिमला, कुल्लू और मंडी जिलों के कुछ क्षेत्रों में गरज के साथ बारिश होने और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए इन पांच जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी कर प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है।
1 नवंबर से साफ होगा मौसम
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 30 अक्टूबर तक मौसम में यह बदलाव और अस्थिरता बनी रह सकती है। 31 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे कम होकर समाप्त हो जाएंगी। इसके बाद 1 नवंबर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ होने की उम्मीद है और फिर से धूप खिलने के साथ तापमान में दोबारा बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। हालिया आंकड़ों पर नजर डालें तो बुधवार को ऊना में सबसे अधिक 32 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था, जबकि गुरुवार को कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 1.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ठंडा स्थान रहा।
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