भारत पहुंचे लिकटेंस्टाइन के क्राउन प्रिंस अलोइस, 100 बिलियन डॉलर निवेश और UNSC पर मिला बड़ा समर्थन

लिकटेंस्टाइन के क्राउन प्रिंस अलोइस की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और भारत की UNSC उम्मीदवारी को मजबूत समर्थन दिया है।

भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच मजबूत हुई रणनीतिक साझेदारी

वैश्विक मंच पर भारत का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। इसी क्रम में यूरोप के महत्वपूर्ण देश लिकटेंस्टाइन के क्राउन प्रिंस अलोइस की भारत यात्रा ने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई दी है। अपनी इस आधिकारिक यात्रा के दौरान, प्रिंस अलोइस ने न केवल भारत के साथ व्यापारिक रिश्तों को मजबूती दी है, बल्कि वैश्विक मुद्दों पर भी भारत का पुरजोर समर्थन किया है। यह दौरा 25 अक्टूबर 2026 से शुरू हुआ और 28 अक्टूबर 2026 तक चलेगा, जिसने भारत की कूटनीति में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

UNSC की उम्मीदवारी को मिला बड़ा समर्थन

इस दौरे की सबसे बड़ी उपलब्धि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC में भारत की दावेदारी को लेकर रही है। प्रिंस अलोइस ने स्पष्ट रूप से घोषणा की कि उनका देश वर्ष 2028-29 के कार्यकाल के लिए भारत की अस्थायी सदस्यता की उम्मीदवारी का पूर्ण समर्थन करता है। इस महत्वपूर्ण कूटनीतिक सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिकटेंस्टाइन का आभार व्यक्त किया है। वैश्विक स्तर पर सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग के बीच यह समर्थन भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा रही है।

आतंकवाद के खिलाफ साझा रुख

दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। विशेष रूप से सीमा पार आतंकवाद और टेरर फंडिंग को लेकर दोनों राष्ट्रों ने गहरी चिंता जताई और इसे वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया। इस दौरान दोनों पक्षों ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और आतंकवादियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने पर जोर दिया।

निवेश और भविष्य की तकनीक

इस यात्रा के दौरान आर्थिक मोर्चे पर भी बड़ी हलचल दिखाई दी है। भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच लगभग 100 बिलियन डॉलर के निवेश का एक मेगा खाका तैयार किया गया है। दोनों देश अब केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी साझा अनुसंधान और तकनीक के आदान-प्रदान के लिए तैयार हैं। यह साझेदारी न केवल निवेश लाएगी, बल्कि दोनों देशों के तकनीकी और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार भी देगी।

https://hindi.news18.com/news/nation/liechtenstein-supports-india-2028-29-unsc-bid-pm-modi-thanks-prince-alois-as-both-nations-condemn-cross-border-terrorism-pahalgam-attack-10942435.html