यूपी पर चक्रवाती तूफान अर्नब का खतरा
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए चक्रवाती तूफान अर्नब ने उत्तर भारत की ओर अपना रुख कर लिया है। इस मौसमी हलचल का सीधा प्रभाव अब उत्तर प्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा। मौसम विभाग ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आने वाले कुछ दिन काफी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। विशेष रूप से तराई और पूर्वांचल के जिलों में 27 अक्टूबर से ही मौसम का मिजाज बदलने लगेगा। इसके बाद 28 से 31 अक्टूबर के बीच भारी बारिश और आंधी का दौर देखने को मिल सकता है, जिसे लेकर प्रशासन और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
ओडिशा और झारखंड से होकर यूपी तक पहुंचेगा तूफान
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, चक्रवाती तूफान अर्नब काफी शक्तिशाली रूप में आगे बढ़ रहा है। अनुमान है कि यह तूफान 115 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ओडिशा और झारखंड के रास्ते उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करेगा। इस प्रचंड मौसमी सिस्टम के कारण उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में भारी मात्रा में नमी प्रवेश करेगी, जिससे मौसम पूरी तरह से पलट जाएगा। लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश ने जानकारी देते हुए बताया कि बंगाल की खाड़ी में उठा यह सिस्टम अगले कुछ दिनों तक यूपी के वातावरण पर अपना दबाव बनाए रखेगा। धीरे-धीरे तटीय इलाकों से टकराते हुए यह उत्तर प्रदेश की तरफ मुड़ेगा, जिससे प्रदेश भर में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
28 अक्टूबर को कई जिलों में येलो अलर्ट
चक्रवाती तूफान के दस्तक देने की संभावना के साथ ही प्रशासन ने कमर कस ली है। मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर के लिए पूर्वांचल के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में मुख्य रूप से सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, गाजीपुर और बलिया शामिल हैं। इन इलाकों में चक्रवात का पहला बड़ा और प्रत्यक्ष प्रभाव दिखाई देगा। इस दिन बादलों की गरज, बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा के लिहाज से खुले स्थानों पर रहने से बचें और अत्यधिक सावधानी बरतें क्योंकि हवा की यह गति सामान्य से कहीं अधिक है।
आंधी और बारिश का तीव्र प्रकोप
जैसे-जैसे चक्रवात अर्नब यूपी की सीमा के और करीब पहुंचेगा, हवाओं की गति में और अधिक इजाफा होगा। मौसम विभाग के अनुसार, हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ सकती हैं। इसके बाद 29 अक्टूबर को भारी बारिश का विशेष अलर्ट जारी किया गया है। इस दिन 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की प्रबल संभावना है। कुल मिलाकर 72 घंटे तक प्रदेश में मूसलाधार बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की पूरी आशंका है।
तापमान में भारी गिरावट और कड़ाके की ठंड
चक्रवाती बारिश और लगातार चलने वाली ठंडी हवाओं के कारण उत्तर प्रदेश के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि अगले तीन दिनों के भीतर प्रदेश के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की भारी कमी आएगी। इस अचानक आए मौसमी बदलाव से लोगों को अक्टूबर के अंतिम दिनों में ही कड़ाके की ठंड और सिहरन का एहसास होने लगेगा।
किसानों के लिए विशेष चेतावनी
इस मौसमी विक्षोभ का प्रभाव 1 नवंबर तक बना रहेगा, जिसके बाद ही मौसम में सुधार की उम्मीद जताई गई है। फिलहाल आसमान साफ होने में अभी वक्त है, जिसे देखते हुए राज्य के किसानों के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है। इस समय किसान धान और अन्य खरीफ फसलों की कटाई में व्यस्त हैं। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी उपज को बचाने के लिए विशेष सतर्कता बरतें। बेमौसम बारिश के कारण खेतों में कटी हुई फसल को भारी नुकसान हो सकता है, इसलिए उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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