महाराष्ट्र मतदाता सूची से 3,00,00,000 नाम हटने का मामला, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को भेजा नोटिस

महाराष्ट्र में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान करोड़ों नाम हटाए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दखल दिया है। कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 5 नवंबर को तय की है।

महाराष्ट्र मतदाता सूची पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर शुरू हुआ विवाद अब देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। राज्य में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से करीब 3,00,00,000 मतदाताओं के नाम हटाए जाने का गंभीर दावा किया गया है। इस पूरे मामले पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने भारतीय चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि इस प्रक्रिया में बड़ी अनियमितताएं बरती गई हैं, जिसके बाद कोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया है।

वकील की दलील और फॉर्म-6 पर उठे सवाल

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद पी. दातार ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कोर्ट को बताया कि महाराष्ट्र में ड्राफ्ट मतदाता सूची से 3 करोड़ लोगों के नाम काटे गए हैं। वकील ने तर्क दिया कि जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उन्हें दोबारा शामिल होने के लिए फॉर्म-6 भरने का निर्देश दिया जा रहा है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह गलत है, क्योंकि फॉर्म-6 का उपयोग विशेष रूप से उन नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए किया जाता है जो पहली बार सूची में जुड़ना चाहते हैं। नाम कटने के बाद पुन: आवेदन के लिए इस फॉर्म का इस्तेमाल करना प्रक्रियात्मक रूप से अनुचित है।

सीजेआई ने चुनाव आयोग को लेकर क्या कहा

सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने इस मामले को गंभीरता से सुना। हालांकि, अदालत ने चुनाव आयोग का पक्ष सुने बिना किसी भी प्रकार का एकतरफा आदेश पारित करने से स्पष्ट इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि कोई भी निर्देश देने से पहले चुनाव आयोग का जवाब सुनना जरूरी है। कोर्ट ने चुनाव आयोग, केंद्र सरकार, महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।

अगली सुनवाई की तारीख

महाराष्ट्र में चलाए जा रहे इस विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के खिलाफ अरुण आनंदगिरी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में दावा किया गया है कि मतदाताओं को नाम फिर से दर्ज कराने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 नवंबर की तारीख निर्धारित की है। सभी संबंधित पक्षों को तब तक अपना जवाब दाखिल करना होगा।

https://hindi.news18.com/news/nation/cji-surya-kant-notice-to-eci-in-maharashtra-sir-voter-list-3-crore-names-form-6-supreme-court-10938764.html