मेक्सिको की ओर बढ़ा हरीकेन 'वेंस', 18000 जवानों की तैनाती, प्रशांत महासागर में 'ओलाना' भी सक्रिय

प्रशांत महासागर से उठे हरीकेन वेंस ने मेक्सिको में भारी खतरे की घंटी बजा दी है, जिसके चलते वहां 18,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। वहीं, दूसरी तरफ ओलाना नामक एक नया तूफान भी प्रशांत महासागर में अपना प्रभाव दिखा रहा है।

मेक्सिको पर मंडराया हरीकेन वेंस का संकट

प्रशांत महासागर इन दिनों कुदरती आपदाओं का केंद्र बना हुआ है और यहां से एक के बाद एक तूफानी आफतें निकल रही हैं। सुपर टाइफून चांपी की तबाही के बाद अब मेक्सिको के सामने हरीकेन वेंस की चुनौती खड़ी हो गई है। हालात को देखते हुए मेक्सिको ने अपनी सुरक्षा तैयारियों को बढ़ा दिया है और करीब 18,000 फर्स्ट रेस्पॉन्डर्स को मोर्चे पर तैनात कर दिया है ताकि किसी भी अनहोनी से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। हालांकि वेंस की तीव्रता में अब गिरावट दर्ज की जा रही है, लेकिन इसके साथ आने वाली तेज हवाएं और भारी बारिश अभी भी प्रशासन के लिए बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है।

कमजोर पड़ा तूफान, फिर भी खतरा बरकरार

अमेरिकी नेशनल हरिकेन सेंटर के आंकड़ों पर गौर करें तो वेंस जो शुक्रवार तक श्रेणी-2 का खतरनाक हरिकेन था, अब कमजोर होकर उष्णकटिबंधीय तूफान में तब्दील हो चुका है। हालांकि इसकी शक्ति कम हुई है, लेकिन इसकी हवाओं की रफ्तार अभी भी 70 मील प्रति घंटे यानी लगभग 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक बनी हुई है। वैज्ञानिकों का मानना है कि तूफान का असर कमजोर होने के बावजूद पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का बड़ा जोखिम बना हुआ है। मेक्सिको के कई राज्यों में इस तूफानी बारिश और अचानक आने वाली बाढ़ को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है।

इन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने मेक्सिको के छह मुख्य राज्यों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। इसमें कोलिमा, नयारित और सिनालोआ राज्य सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं, जबकि मिचोआकान, हालिस्को और दुरांगो के कुछ हिस्सों में भी हालात बिगड़ने की आशंका जताई गई है। अनुमान के मुताबिक इन क्षेत्रों में 5 से 10 सेंटीमीटर तक बारिश हो सकती है, वहीं कुछ स्थानों पर यह आंकड़ा 17 सेंटीमीटर तक जा सकता है। भारी जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में मिट्टी धंसने की घटनाओं के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन को लगातार स्थिति पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशांत महासागर में 'ओलाना' की नई दस्तक

वेंस के अलावा प्रशांत महासागर के मध्य हिस्से में उष्णकटिबंधीय तूफान ओलाना भी सक्रिय हो चुका है। राहत की बात यह है कि फिलहाल ओलाना के रास्ते में कोई घनी आबादी वाला क्षेत्र नहीं है, जिससे किसी बड़े खतरे की संभावना कम है। ओलाना की अधिकतम स्थायी हवाओं की गति 45 मील प्रति घंटे यानी करीब 65 किलोमीटर प्रति घंटे मापी गई है। ताजा जानकारी के अनुसार यह तूफान जॉनस्टन द्वीप से लगभग 935 किलोमीटर पश्चिम दक्षिण पश्चिम में स्थित है। इसके विपरीत हरीकेन वेंस मेक्सिको के अकापुल्को शहर से लगभग 510 किलोमीटर पश्चिम दक्षिण पश्चिम की स्थिति में देखा गया है और इसके जल्द ही उत्तर की ओर मुड़ने की संभावना है।

क्यों बढ़ रही है प्रशांत महासागर में तूफानी गतिविधियां

विशेषज्ञों की मानें तो इस साल प्रशांत महासागर में तूफानों का सिलसिला बेहद तेज रहा है। इसके पीछे अल नीनो जैसी मौसमी स्थितियों और ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव को मुख्य कारण माना जा रहा है। ये परिस्थितियां वैश्विक मौसम चक्र को बुरी तरह प्रभावित कर रही हैं, जिसका असर अमेरिका के दक्षिण पश्चिमी हिस्सों में भीषण बाढ़, बवंडर और मध्य अमेरिका के कुछ इलाकों में लंबे समय से जारी सूखे के रूप में दिखाई दे रहा है। समुद्र की बदलती गर्मी और वातावरण में हो रहे बदलावों ने इन तूफानों को और अधिक अप्रत्याशित बना दिया है।

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