iPhone Duo पर 25% छूट का झांसा, साइबर ठगों से बचने के लिए हो जाएं सावधान

ऐपल के नए फोल्डेबल फोन iPhone Duo के नाम पर साइबर अपराधी फर्जी वेबसाइट्स के जरिए लोगों को ठग रहे हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों ने ग्राहकों को भारी डिस्काउंट के प्रलोभन से बचने की सलाह दी है।

iPhone Duo के नाम पर बड़ा साइबर फ्रॉड

ऐपल के पहले फोल्डेबल स्मार्टफोन के तौर पर चर्चित iPhone Duo के बाजार में आते ही साइबर अपराधी सक्रिय हो गए हैं। नया फोन खरीदने के लिए उत्साहित ग्राहकों को अपना शिकार बनाने के लिए जालसाज तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली प्रमुख कंपनी Kaspersky ने ऐसी कई धोखाधड़ी वाली वेबसाइट्स का पर्दाफाश किया है, जो ग्राहकों को 25% तक के आकर्षक डिस्काउंट और प्री-ऑर्डर के नाम पर फंसा रही हैं। इन वेबसाइट्स का मकसद सिर्फ ग्राहकों की निजी जानकारी चुराना है। सुरक्षा विशेषज्ञों ने आम जनता को सचेत किया है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने या फोन खरीदने से पहले पूरी सावधानी बरतें।

फर्जी वेबसाइट्स का जाल और ठगों का तरीका

Kaspersky की रिपोर्ट के अनुसार, iPhone Duo की बिक्री 23 अक्टूबर 2026 से शुरू हुई है। इसी दौरान बड़ी संख्या में ऐसी फर्जी वेबसाइट्स सामने आई हैं, जो हुबहू ऐपल की आधिकारिक वेबसाइट जैसी दिखाई देती हैं। इन साइट्स को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि कोई भी सामान्य यूजर धोखा खा सकता है। 24 अक्टूबर को जारी अपने एक आधिकारिक बयान में कंपनी ने विस्तार से बताया कि कैसे जालसाज लोगों के उत्साह का फायदा उठा रहे हैं। एक उदाहरण देते हुए बताया गया कि अंग्रेजी भाषा वाली एक फर्जी वेबसाइट पर iPhone Duo को 25% छूट के साथ बेचने का दावा किया गया था। ग्राहकों को तेजी से खरीदारी करने के लिए मजबूर करने के लिए वेबसाइट पर एक काउंटडाउन टाइमर लगाया गया था, जो यह दिखाता है कि ऑफर खत्म होने में महज 30 मिनट का समय बचा है।

कैसे काम करता है यह घोटाला

धोखाधड़ी के इस नए तरीके में ठग तुरंत पैसे की मांग नहीं करते हैं, जिससे ग्राहकों का शक कम हो जाता है। वेबसाइट पर ऑर्डर प्रोसेस के दौरान ग्राहक से नाम, संपर्क नंबर और डिलीवरी का पता मांगा जाता है। इसके बाद, उनसे तुरंत कार्ड की जानकारी नहीं ली जाती, बल्कि यह कहकर झांसा दिया जाता है कि बाद में कंपनी का कोई मैनेजर उनसे संपर्क करेगा और पेमेंट या डिलीवरी की पुष्टि करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह किसी बड़े और संगठित आर्थिक घोटाले की शुरुआती कड़ी हो सकती है, जो भविष्य में ग्राहकों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है।

अलग-अलग भाषाओं और देशों में फैला जाल

यह स्कैम किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। Kaspersky ने पाया है कि जालसाज अलग-अलग भाषाओं और देशों को निशाना बना रहे हैं। कुछ वेबसाइट्स पर ग्राहक अपनी पसंद की भाषा और करेंसी चुनकर ऑर्डर प्लेस करने की सुविधा का दिखावा करती हैं। इनमें से कुछ ने यह दावा किया कि वे खरीदार को ऐपल की आधिकारिक वेबसाइट पर रीडायरेक्ट कर देंगी, लेकिन असल में ऐसा कुछ नहीं होता। पुर्तगाली भाषा में भी इसी तरह का एक बड़ा स्कैम सामने आया है, जिसमें फोन की उपलब्धता चेक करने के बहाने यूजर का ईमेल आईडी और WhatsApp से जुड़ा फोन नंबर मांगा जाता है। एक बार जानकारी मिलने के बाद, स्कैमर्स फर्जी कॉल या मैसेज के जरिए ग्राहकों को अपनी बातों में उलझा लेते हैं।

सुरक्षित रहने के लिए जरूरी सुझाव

ऑनलाइन शॉपिंग के दौर में धोखाधड़ी से बचने के लिए सुरक्षा विशेषज्ञों ने कुछ अहम टिप्स दिए हैं:

  • स्मार्टफोन हमेशा केवल अधिकृत स्टोर्स या भरोसेमंद रिटेलर्स से ही खरीदें।
  • किसी भी वेबसाइट पर अपनी जानकारी देने से पहले उसके यूआरएल (URL) और कंपनी की स्पेलिंग की गहन जांच करें।
  • बहुत ज्यादा आकर्षक डिस्काउंट और जल्दबाजी में खरीदारी के दबाव वाले विज्ञापनों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
  • अपनी ऑनलाइन सुरक्षा के लिए हमेशा किसी अच्छे और भरोसेमंद सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर का उपयोग करें।
  • पेमेंट के लिए वर्चुअल कार्ड या सुरक्षित पेमेंट गेटवे का ही इस्तेमाल करना समझदारी है।
  • अपने सभी फाइनेंशियल अकाउंट्स में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को अनिवार्य रूप से सक्रिय रखें।
  • अपने बैंक स्टेटमेंट की नियमित जांच करते रहें ताकि किसी भी संदिग्ध लेनदेन का तुरंत पता चल सके।

अंत में, Kaspersky ने यह भी उल्लेख किया है कि उनके Kaspersky Premium प्रोडक्ट को 2025 में AV-Comparatives के फर्जी शॉप्स डिटेक्शन टेस्ट में Approved सर्टिफिकेशन मिला था, जो ऐसे खतरों को पहचानने में सक्षम है।

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