हिमाचल प्रदेश में डार्क चॉकलेट के अंदर मिले जिंदा कीड़े, नामी ब्रांड की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

शिमला में एक उपभोक्ता ने प्रसिद्ध कंपनी की डार्क चॉकलेट में जिंदा कीड़े मिलने का दावा किया है। एक्सपायरी डेट से काफी पहले हुई इस घटना ने खाद्य सुरक्षा और कंपनी की जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

शिमला में सामने आया हैरान करने वाला मामला

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से खाद्य उत्पादों की सुरक्षा को लेकर एक अत्यंत चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक जाने-माने डेयरी और फूड ब्रांड की डार्क चॉकलेट के अंदर जिंदा कीड़े रेंगते हुए पाए गए हैं। इस वाकये ने न केवल ग्राहकों के बीच खलबली मचा दी है, बल्कि मशहूर ब्रांडों के दावों और उनकी गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं की पोल भी खोल दी है। इस घटना के बाद से आम लोगों और खासकर अभिभावकों में अपने बच्चों को बाजार से मिलने वाली खाने-पीने की चीजों को लेकर गहरी चिंता और आक्रोश का माहौल है।

क्या है पूरा मामला

मिली जानकारी के अनुसार, न्यू शिमला के निवासी संदीप शर्मा ने गत 17 अक्टूबर 2026 को हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित एक दुकान से एक प्रसिद्ध कंपनी की 40 ग्राम वजन वाली ‘डार्क फ्रूट एंड नट’ चॉकलेट खरीदी थी। वे इस चॉकलेट को लेकर अपने घर शिमला पहुंचे। जैसे ही उनके बेटे ने चॉकलेट का पैकेट खोलकर उसे खाने की कोशिश की, तो उसमें कीड़े रेंगते हुए दिखाई दिए। इस नजारे को देखकर पूरा परिवार हतप्रभ रह गया। परिवार का कहना है कि यह अनुभव न केवल विचलित करने वाला था, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खतरनाक भी हो सकता था, क्योंकि अगर बच्चे ने बिना देखे इसे खा लिया होता, तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती थीं।

एक्सपायरी डेट से पहले ही कीड़े का मिलना गंभीर लापरवाही

इस पूरे मामले में सबसे अधिक चिंताजनक पहलू चॉकलेट की एक्सपायरी तिथि है। इस चॉकलेट पर अंकित एक्सपायरी डेट मई 2027 थी, जिसका अर्थ है कि इसे काफी समय तक सुरक्षित इस्तेमाल किया जा सकता था। चूंकि इसे अक्टूबर 2026 में ही खरीदा गया था, इसलिए एक्सपायरी से महीनों पहले ही उत्पाद के अंदर कीड़े मिलना सीधे तौर पर कंपनी की खराब पैकेजिंग और गुणवत्ता में बड़ी लापरवाही को दर्शाता है। यह स्थिति खाद्य सुरक्षा मानकों पर भी एक बड़ा सवालिया निशान लगाती है।

कंपनी का रवैया और शिकायत

पीड़ित उपभोक्ता संदीप शर्मा ने आरोप लगाया है कि उन्होंने इस गंभीर मामले की जानकारी कंपनी के कस्टमर केयर विभाग को दी थी। हालांकि, कंपनी की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया या समाधान नहीं मिला। संदीप शर्मा का दावा है कि कंपनी ने चॉकलेट का भौतिक निरीक्षण किए बिना या मामले की गंभीरता को समझे बिना ही उनकी शिकायत को बंद कर दिया, जिससे उपभोक्ता में भारी नाराजगी है। परिवार के पास अभी भी वह चॉकलेट और उसका मूल रैपर सुरक्षित है।

प्रशासन और FSSAI से सख्त कार्रवाई की मांग

संदीप शर्मा ने अब भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) और स्थानीय प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। उनकी मांग है कि इस प्रकरण का तुरंत संज्ञान लिया जाए। इसके अलावा, उन्होंने मांग की है कि संबंधित चॉकलेट के नमूने को प्रयोगशाला में भेजा जाए ताकि इसकी जांच हो सके। यदि जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो कंपनी के खिलाफ नियमानुसार कड़ी और मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई की जानी चाहिए। जनता अब यह जानना चाहती है कि आखिर नामी कंपनियां ग्राहकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने की जिम्मेदारी से कैसे बच सकती हैं।

https://hindi.news18.com/news/himachal-pradesh/shimla-famous-dark-chocolate-live-worms-found-in-chocolate-purchased-in-una-shimla-local18-10933953.html