अरुणाचल में सियांग डैम परियोजना पर भड़की हिंसा, नवी मुंबई से एयरलिफ्ट किए जा रहे RAF के 250 जवान

अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में 11,200 मेगावाट के सियांग डैम प्रोजेक्ट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है। हालात को बेकाबू होते देख केंद्र सरकार ने नवी मुंबई एयरपोर्ट से RAF के 250 जवानों को तुरंत पासीघाट एयरलिफ्ट करने की तैयारी की है।

अरुणाचल प्रदेश में हिंसक प्रदर्शन के बाद केंद्र की त्वरित कार्रवाई

पूर्वोत्तर के राज्य अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित एक बड़ी जलविद्युत परियोजना को लेकर माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। राज्य में 11,200 मेगावाट क्षमता वाली विशाल सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट (SUMP) के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों ने अचानक हिंसक रूप अख्तियार कर लिया है। उपद्रवियों द्वारा पूर्वी सियांग जिले के पासीघाट और उसके आसपास के इलाकों में जमकर आगजनी और तोड़फोड़ की गई है। बिगड़ती कानून-व्यवस्था को देखते हुए केंद्र सरकार ने तुरंत कड़ा कदम उठाने का फैसला किया है।

उपद्रव को नियंत्रित करने और क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए केंद्र सरकार ने रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती का फैसला किया है। महाराष्ट्र के नवी मुंबई स्थित एयरपोर्ट से RAF की 2 कंपनियों के लगभग 250 जवानों को तुरंत अरुणाचल प्रदेश भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन जवानों को पासीघाट एयरपोर्ट तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना के विशेष विमानों का सहारा लिया जा रहा है।

सुरक्षा बलों को तुरंत एयरलिफ्ट करने के निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए रक्षा मंत्रालय से प्राथमिकता के आधार पर एयरलिफ्ट की विशेष व्यवस्था कराने का अनुरोध किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि सुरक्षा बल बिना किसी देरी के पासीघाट पहुंचकर जमीनी स्तर पर मोर्चा संभाल सकें और अपनी परिचालन संबंधी जिम्मेदारियों को पूरा कर सकें।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में एयरलिफ्ट की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है और जवानों के पासीघाट पहुंचने की आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा की जा रही है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की भी तैनाती की जा सकती है।

सरकारी दफ्तर, थाने और नेताओं के आवास बने निशाना

सियांग परियोजना के विरोध में शुरू हुई यह हिंसा मुख्य रूप से शुक्रवार रात से शनिवार तड़के तक चरम पर रही। इस दौरान उपद्रवियों ने कई सरकारी व व्यक्तिगत संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया। हिंसा में प्रभावित प्रमुख ठिकानों का ब्योरा इस प्रकार है:

  • NHPC कार्यालय में आगजनी: पासीघाट में स्थित नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (NHPC) के कार्यालय को प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया।
  • पुलिस स्टेशन और वाहनों पर हमला: हिंसा के दौरान एक स्थानीय पुलिस थाने को निशाना बनाया गया और वहां खड़े कई पुलिस वाहनों तथा अन्य संपत्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
  • जनप्रतिनिधियों के आवासों पर हमला: उपद्रवियों की भीड़ ने राज्य के कई प्रमुख राजनीतिक चेहरों के घरों पर हमला बोला, जिनमें राज्य बीजेपी अध्यक्ष कलिंग मोयोंग, विधायक निनोंग एरिंग और विधायक ओनी पनयांग के आवास शामिल हैं।
  • आदिवासी संगठन के दफ्तर में तोड़फोड़: स्थानीय आदिवासी आदि समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख संगठन आदि बाने केबांग के कार्यालय को भी निशाना बनाया गया और वहां जमकर तोड़फोड़ की गई।

12 घंटे के बंद से शुरू हुआ था विरोध का दौर

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 23 अक्टूबर को आयोजित किए गए एक व्यापक बंद के आह्वान के साथ हुई थी। सियांग, अपर सियांग और पूर्वी सियांग जिलों में प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट (SUMP) के विरोध में 12 घंटे का बंद बुलाया गया था। बंद के दौरान स्थानीय लोगों और संगठनों ने इस परियोजना के संभावित प्रभावों पर गंभीर चिंता जताई थी।

हालांकि, इस बंद के समाप्त होने के बाद शुक्रवार रात से पासीघाट और आसपास के इलाकों में माहौल बिगड़ने लगा और शनिवार सुबह तक कई स्थानों पर आगजनी और हिंसा की घटनाएं दर्ज की गईं। स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां चौकस हैं और RAF जवानों की तैनाती से हालात में जल्द सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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