त्योहारों में स्वदेशी को दें प्राथमिकता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 139वें एपिसोड में देशवासियों से एक विशेष अपील की है। आने वाले त्योहारों के सीजन को ध्यान में रखते हुए, प्रधानमंत्री ने देश के लोगों से खरीदारी के दौरान स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को पहली पसंद बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि अब देश में स्थानीय सामानों के प्रति स्वीकार्यता का दायरा काफी बढ़ चुका है।
वैश्विक बाजारों में भारतीय उत्पादों का जलवा
प्रधानमंत्री ने गर्व के साथ जिक्र किया कि वोकल फॉर लोकल के मंत्र ने भारत के छोटे और क्षेत्रीय उत्पादों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। उन्होंने बताया कि अब यह उत्पाद केवल देश की सीमाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी जगह बना रहे हैं। इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बिहार के पूर्णिया जिले का प्रसिद्ध मखाना अब ग्रीस के बाजारों में अपनी धाक जमा रहा है। वहीं दूसरी ओर, कर्नाटक के कलबुर्गी की मशहूर अरहर दाल अब मालदीव की रसोई का स्वाद बढ़ा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल के माध्यम से भारत के किसानों और उत्पादकों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर और बाजार खुल रहे हैं।
पैकेजिंग की बदलती तस्वीर
प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान एक महत्वपूर्ण पहलू पर प्रकाश डाला, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि किसी भी उत्पाद की बिक्री में उसकी गुणवत्ता के साथ ही उसकी पैकेजिंग भी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। लोग अक्सर बाजार में आकर्षक पैकेजिंग वाले उत्पादों को पहले देखते हैं और उसके प्रति आकर्षित होते हैं। इस दिशा में हो रहे बदलावों की सराहना करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र के आदिवासी समुदाय का उदाहरण दिया।
महाराष्ट्र में आदिवासी समुदाय ने अपने द्वारा तैयार किए गए उत्पादों जैसे शहद, महुआ, चिरौंजी और बांस से बनी वस्तुओं को सबरी नेचुरल ब्रांड के माध्यम से बाजार में पेश किया है। इन उत्पादों की पैकेजिंग पर आदिवासी कला की विशिष्ट छाप मौजूद है। खास बात यह है कि इस बेहतरीन पैकेजिंग के लिए उन्हें जापान का प्रतिष्ठित गुड डिजाइन अवार्ड भी प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कर्नाटक के एक बांस स्टार्टअप का भी जिक्र किया, जो बांस और खेतों से निकलने वाले अवशेषों का उपयोग करके पर्यावरण के अनुकूल पैकेजिंग मैटेरियल तैयार कर रहे हैं।
खादी की लोकप्रियता में निरंतर वृद्धि
स्थानीय उत्पादों की चर्चा करते हुए खादी का उल्लेख होना अनिवार्य है। प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि इस बार गांधी जयंती के अवसर पर गांधी ग्रामोद्योग के उत्पादों ने बिक्री के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। केवल एक दिन में इन उत्पादों की कुल बिक्री 28 करोड़ रुपये से अधिक रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1.5 करोड़ रुपये ज्यादा है। यह आंकड़े इस बात को प्रमाणित करते हैं कि खादी की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। इसका सीधा लाभ उन मेहनती कारीगरों को मिल रहा है, जिनके कौशल और परिश्रम से खादी और हैंडीक्राफ्ट की वस्तुएं तैयार होती हैं।
आत्मनिर्भर भारत का संकल्प
अंत में, प्रधानमंत्री ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस त्योहार के दौरान अपने परिवार और सगे-संबंधियों के लिए जो भी उपहार या वस्तुएं खरीदें, उनमें स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए सामानों को प्राथमिकता दें। आपकी छोटी सी पहल उन कारीगरों का उत्साह बढ़ाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि वोकल फॉर लोकल का अभियान जितनी अधिक गति से आगे बढ़ेगा, आत्मनिर्भर भारत का सपना उतनी ही तेजी से वास्तविकता में बदलेगा।
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