राजस्थान में वायु गुणवत्ता का हाल: बीकानेर में हवा हुई खराब, जानें अपने शहर का ताजा AQI

राजस्थान के विभिन्न शहरों में 25 अक्टूबर 2026 की सुबह वायु गुणवत्ता का स्तर संतोषजनक से मध्यम के बीच रहा है। हालांकि, बीकानेर में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है और यहां AQI 201 के साथ हवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई है।

राजस्थान में वायु गुणवत्ता की वर्तमान स्थिति

दिनांक 25 अक्टूबर 2026 की सुबह राजस्थान के सातों संभाग मुख्यालयों और प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में हवा की शुद्धता को लेकर जो आंकड़े सामने आए हैं, वे मिला-जुला संकेत दे रहे हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी किए गए लाइव मॉनिटरिंग आंकड़ों के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में हवा की गुणवत्ता संतोषजनक से लेकर मध्यम श्रेणी के दायरे में बनी हुई है। सर्दियों के मौसम की आहट और दीपावली के नजदीक आते ही वायु प्रदूषण को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। राज्य में धूल के कणों और वाहनों से निकलने वाले धुएं के कारण कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर उम्मीद से थोड़ा ज्यादा दर्ज किया गया है।

प्रमुख शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक

राज्य के अलग-अलग शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) की स्थिति काफी भिन्न है। आज सुबह दर्ज किए गए आंकड़ों के आधार पर स्थिति इस प्रकार है:

  • जयपुर: यहां का AQI 99 से 108 के बीच रहा, जो संतोषजनक से मध्यम श्रेणी में आता है। यहाँ हवा में PM10 मुख्य प्रदूषक के रूप में पाया गया।
  • बीकानेर: यह शहर आज सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां AQI 201 दर्ज किया गया है। इसे खराब श्रेणी में रखा गया है।
  • जोधपुर: यहां की हवा का स्तर 110 से 120 के बीच है, जो मध्यम श्रेणी में आता है।
  • अजमेर: यह शहर बेहतर स्थिति में है, जहां AQI 95 दर्ज किया गया है।
  • कोटा: यहां का स्तर 100 से 110 के बीच है।
  • उदयपुर: यहां हवा मध्यम श्रेणी में है, जिसका AQI 110 दर्ज हुआ है।
  • भरतपुर और अलवर: ये शहर काफी बेहतर हैं, जहां AQI क्रमशः 82 और 88 के आसपास है।
  • भिवाड़ी और भीलवाड़ा: औद्योगिक केंद्र भिवाड़ी का AQI 144 दर्ज हुआ, जबकि भीलवाड़ा का स्तर 114 रहा।
  • सीकर: यहां भी हवा मध्यम श्रेणी यानी 100 से 120 के बीच बनी हुई है।

क्षेत्रीय विश्लेषण और प्रदूषण के कारण

संभाग मुख्यालयों के आंकड़ों का बारीकी से अध्ययन करने पर यह स्पष्ट होता है कि अजमेर, भरतपुर और अलवर जैसे शहरों में पर्यावरण की स्थिति फिलहाल काफी संतोषजनक है। इन स्थानों पर हवा की गुणवत्ता स्वास्थ्य के लिए अनुकूल बनी हुई है। इसके विपरीत, बीकानेर में हालात चिंता का विषय बने हैं। वहां मुख्य रूप से PM10 कणों की अधिकता देखी गई है, जिसके चलते वहां का AQI खराब स्तर पर पहुंच गया है। औद्योगिक शहरों की दृष्टि से देखें तो भिवाड़ी में प्रदूषण का स्तर अन्य स्थानों की तुलना में अधिक है। वहीं, वस्त्र नगरी भीलवाड़ा और सीकर जैसे शहरों में मध्यम श्रेणी की वायु गुणवत्ता दर्ज की गई है, जो सतर्क रहने का संकेत देती है।

स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देश और बचाव

वायु प्रदूषण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नागरिकों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है। इस दौरान संवेदनशील वर्ग, जिसमें अस्थमा से पीड़ित लोग, हृदय रोगी, बुजुर्ग और छोटे बच्चे शामिल हैं, उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि ये लोग अपनी बाहरी गतिविधियों को सीमित रखें। यदि बाहर निकलना आवश्यक हो, तो बेहतर सुरक्षा के लिए एन-95 मास्क का उपयोग करना चाहिए। इसके अलावा, सुबह और शाम के समय अधिक शारीरिक परिश्रम या व्यायाम करने से बचने की सलाह दी गई है। हालांकि, स्वस्थ व्यक्तियों के लिए फिलहाल स्थिति बहुत अधिक खतरनाक नहीं है, लेकिन सर्दियों की शुरुआत के साथ हवा में मौजूद प्रदूषण के प्रति सचेत रहना ही बेहतर है। राज्य प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड स्थिति पर निरंतर नजर बनाए हुए है ताकि भविष्य में प्रदूषण के स्तर को बढ़ने से रोका जा सके।

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