कौन हैं मीरा ठाकुर? मेरठ की कातिल पत्नियों मुस्कान और रवीता को फांसी देने के लिए आगे आईं, बोलीं- मुफ्त में करूंगी सेवा

उत्तर प्रदेश की चर्चित हत्याओं की आरोपी मुस्कान और रवीता को फांसी पर लटकाने के लिए आगरा की मीरा ठाकुर ने इच्छा जताई है। उन्होंने मथुरा के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर यह जिम्मेदारी खुद उठाने की पेशकश की है।

फांसी देने के लिए आगे आईं मीरा ठाकुर

उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में दो बेहद खौफनाक हत्याकांड सामने आए, जिनमें मुस्कान और रवीता नाम की महिलाओं ने अपने ही पतियों को मौत के घाट उतार दिया। अब इन दोनों महिला कातिलों को फांसी देने के लिए आगरा की एक महिला ने इच्छा जताई है। मीरा ठाकुर नाम की इस महिला का कहना है कि वे खुद जल्लाद की भूमिका निभाकर मुस्कान और रवीता को फांसी के फंदे तक पहुंचाना चाहती हैं। मीरा ठाकुर ने साफ शब्दों में कहा है कि वे यह कार्य पूरी तरह से निशुल्क करेंगी और इसके लिए उन्होंने मथुरा के जिलाधिकारी को एक औपचारिक पत्र भी सौंप दिया है।

प्रशासन से मांगी अनुमति

मीरा ठाकुर ने मथुरा के डीएम को दिए गए अपने प्रार्थना पत्र में इस बात पर जोर दिया है कि वे समाज सेवा से जुड़ी हैं और अखिल भारत हिंदू महासभा में आगरा की जिलाध्यक्ष के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि मेरठ की अदालत ने 14 अक्टूबर को मुस्कान और उसके प्रेमी को, जबकि 16 अक्टूबर को रवीता और उसके प्रेमी को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। चूँकि उत्तर प्रदेश में महिलाओं को फांसी देने के लिए एकमात्र स्थान मथुरा का जिला कारागार तय है, इसलिए उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि यदि इन दोनों महिलाओं को मथुरा जेल में फांसी के लिए लाया जाता है, तो उन्हें जल्लाद बनने का मौका दिया जाए। उन्होंने यह भी वादा किया है कि वे सबसे पहले इन महिलाओं को प्रयागराज के गंगाजल से शुद्ध करेंगी और उसके बाद फांसी की प्रक्रिया को अंजाम देंगी।

मीरा ठाकुर का विवादों और चर्चाओं से नाता

मीरा ठाकुर का नाम पहली बार सुर्खियों में नहीं आया है। वे अपने बयानों और सामाजिक-धार्मिक गतिविधियों के कारण अक्सर चर्चा में बनी रहती हैं। इससे पहले भी उन्होंने कई बार विवादों को जन्म दिया है। अतीत में ताजमहल परिसर के अंदर घुसकर पूजा करने की कोशिश और महाशिवरात्रि के पर्व पर शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करने के उनके प्रयासों ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनाया था। इसके अलावा, उन्होंने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य द्वारा महिलाओं के प्रति कथित तौर पर की गई अभद्र टिप्पणियों के खिलाफ मथुरा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में भी शिकायत दर्ज कराई थी। एक बार फिर मुस्कान और रवीता मामले में उनके इस ताजा ऐलान ने उन्हें मीडिया की सुर्खियों में लाकर खड़ा कर दिया है।

क्या है मुस्कान और रवीता का मामला?

मेरठ की इन दो महिलाओं द्वारा किए गए अपराधों ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। दोनों ही मामलों में बेरहमी की हदें पार कर दी गई थीं।

  • मुस्कान का नीले ड्रम वाला कांड: मार्च 2025 में सामने आए इस मामले ने हर किसी को हैरान कर दिया था। मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या कर दी। इतना ही नहीं, जुर्म के सबूत मिटाने के लिए उन्होंने शव के टुकड़े किए और उन्हें एक नीले रंग के ड्रम में भरकर छिपा दिया। हत्या के बाद भी दोनों आरोपी बेखौफ घूमते रहे थे।
  • रवीता का सांप वाला हत्याकांड: इस वारदात के कुछ समय बाद ही रवीता नाम की महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर एक खौफनाक साजिश रची। उसने अपने पति की हत्या करने के लिए एक जहरीले सांप का इस्तेमाल किया। पति को सांप से कटवाया गया ताकि उसकी मौत को एक सामान्य हादसा साबित किया जा सके और कानून की नजरों से बचा जा सके।

अब अदालत ने इन दोनों महिलाओं को उनके गुनाहों की कड़ी सजा सुनाई है। मीरा ठाकुर का कहना है कि यदि प्रशासन उन्हें आदेश देता है, तो वे जल्लाद के रूप में समाजहित में अपनी सेवा देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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