सीधी में छोटेलाल साकेत का अनोखा जुगाड़
मध्य प्रदेश के सीधी जिले से एक अनोखी कार्यकुशलता की खबर सामने आई है, जहां ग्राम लालीमाटी के रहने वाले छोटेलाल साकेत ने पंचर बनाने की एक नई तरकीब निकाली है। आमतौर पर किसी भी टू-व्हीलर का पंचर बनाने के लिए उसके पहिए को वाहन से अलग करना पड़ता है, लेकिन छोटेलाल साकेत बिना पहिया खोले ही ट्यूब वाले पहिए का पंचर पूरी तरह ठीक कर देते हैं। उनके इस अनोखे तरीके से वाहन चालकों का समय और पैसा दोनों बचता है।
शुरुआती असफलताओं के बाद मिली बड़ी सफलता
छोटेलाल साकेत ने अपनी इस तकनीक के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वे पहले पारंपरिक तरीके से ही काम करते थे। शुरुआत में वे टू-व्हीलर वाहनों का पंचर बनाने के लिए पहिए को गाड़ी से बाहर निकालते थे। इसके बाद उन्होंने समय बचाने के लिए बिना पहिया निकाले ही पंचर ठीक करने की योजना बनाई और प्रयास शुरू किए।
उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में जब उन्होंने ऐसा करने की कोशिश की, तो एक से दो बार उनका प्रयास असफल रहा। हालांकि, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लगातार मेहनत जारी रखी। कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयासों के बाद उनकी यह तरकीब पूरी तरह से काम कर गई। अब वे वाहन में पहिया लगे रहते ही ट्यूब वाले पहिए का पंचर आसानी से ठीक कर लेते हैं।
1 घंटे की मशक्कत अब महज 5 से 10 मिनट में पूरी
पारंपरिक तरीके से ट्यूब वाले पहिए का पंचर बनाने में काफी समय लगता है, लेकिन छोटेलाल साकेत के इस नायाब तरीके ने काम को बेहद आसान बना दिया है।
- जिस काम को करने में पहले 1 घंटे का समय लग जाता था, वह अब मात्र 5 से 10 मिनट के भीतर पूरा हो जाता है।
- इससे वाहन चालकों के समय की सीधी बचत होती है।
- वे ग्राहकों को काफी किफायती और सस्ते दाम में पंचर बनाने की सुविधा देते हैं।
छोटेलाल साकेत द्वारा दी जाने वाली इस त्वरित और सस्ती सेवा की वजह से आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ काफी दूर-दूर से लोग अपने वाहनों का पंचर बनवाने के लिए उनकी दुकान पर आते हैं।
15 सालों से चला रहे दुकान, रोजाना 1200 रुपये तक कमाई
छोटेलाल साकेत अपने ग्राम लालीमाटी में ही पंचर की दुकान खोलकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। उनकी यह दुकान पिछले 15 सालों से संचालित हो रही है। इसी दुकान के जरिए वे अपने पूरे परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
अपनी इस खास तरकीब और दुकान के माध्यम से वे रोजाना 1000 रुपये से लेकर 1200 रुपये तक की अच्छी कमाई कर लेते हैं। इस आय से उनका परिवार बहुत खुशहाल तरीके से अपना जीवन व्यतीत कर रहा है। उनकी कड़ी मेहनत और इस अजब-गजब कारनामे ने उन्हें इलाके में काफी लोकप्रिय बना दिया है।
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