बंगाल की खाड़ी में गहरा रहा चक्रवात का संकट, 6 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र एक शक्तिशाली चक्रवाती तूफान में तब्दील होने वाला है, जिससे ओडिशा और आंध्र प्रदेश समेत देश के 6 राज्यों में मौसम बिगड़ने के आसार हैं।

बंगाल की खाड़ी में चक्रवात की आहट

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहे एक नए मौसमी सिस्टम को लेकर देश के कई हिस्सों में चेतावनी जारी की है। विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र के अनुसार, पूर्व-मध्य और उसके आसपास के दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में शुक्रवार की सुबह कम दबाव का क्षेत्र विकसित हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों ने इस सिस्टम के धीरे-धीरे और अधिक सक्रिय होने का पूर्वानुमान लगाया है। इस तंत्र के 24 अक्टूबर तक अवदाब में बदलने, 25 अक्टूबर को गहरे अवदाब का रूप लेने और 26 अक्टूबर की सुबह तक एक पूर्ण चक्रवाती तूफान में विकसित होने की पूरी संभावना बनी हुई है। इस घटनाक्रम का असर पश्चिम बंगाल, बिहार, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे 6 प्रमुख राज्यों में देखने को मिल सकता है।

28 अक्टूबर को तट से टकराने की संभावना

मौसम विभाग के ताजा आकलन के मुताबिक, यह संभावित चक्रवाती तूफान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए 28 अक्टूबर की सुबह तक उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटीय इलाकों तक पहुंच सकता है। हालांकि, विभाग ने अभी इस बात की पुष्टि नहीं की है कि तूफान किस विशिष्ट बिंदु पर और किस सटीक समय पर जमीन से टकराएगा। फिलहाल तूफान की अधिकतम तीव्रता को लेकर भी कोई निश्चित अनुमान नहीं दिया गया है। डॉ. महापात्र ने जानकारी दी है कि शनिवार को जब यह सिस्टम अवदाब के चरण में प्रवेश करेगा, तब हवा की अधिकतम रफ्तार, चक्रवात के टकराने की सटीक जगह और उसके समय की जानकारी साझा की जाएगी।

हवा की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है

तूफान की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हवा की गति लगातार बढ़ने वाली है। शुक्रवार को प्रभावित क्षेत्र में हवा की रफ्तार 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जबकि बीच-बीच में चलने वाले झोंकों की गति 55 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच रही है। शनिवार के लिए जारी पूर्वानुमान के अनुसार, हवा की गति 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है और झोंकों की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके बाद 25 अक्टूबर को हवा की गति बढ़कर 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होने का अनुमान है।

समुद्र में ऊंची लहरों का खतरा और मछुआरों के लिए निर्देश

26 अक्टूबर की सुबह तक हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है और झोंके 90 किलोमीटर प्रति घंटा की खतरनाक गति को छू सकते हैं। जैसे-जैसे यह तूफान आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तट की ओर आगे बढ़ेगा, इसकी ताकत में इजाफा होने की आशंका जताई गई है। समुद्र की स्थिति पहले से ही खराब है और शनिवार तक इसके अत्यधिक खराब होने की चेतावनी दी गई है। 26 से 28 अक्टूबर के दौरान समुद्र में बहुत ऊंची लहरें उठने का अंदेशा है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में समुद्री गतिविधियों में संलग्न लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने के कड़े निर्देश दिए हैं। मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे 25 अक्टूबर तक पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी का रुख बिल्कुल न करें। इसके साथ ही, 26 से 29 अक्टूबर तक पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में भी प्रवेश न करने की चेतावनी जारी की गई है। जहाज चलाने वालों, नौकाओं, बंदरगाह अधिकारियों और समुद्री उद्योगों को अलर्ट पर रखा गया है।

27 और 28 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी

मौसम के बिगड़ने का सिलसिला 26 अक्टूबर से ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों से शुरू हो जाएगा। 27 अक्टूबर को बारिश का जोर काफी बढ़ जाने का अनुमान है। इस दौरान उत्तरी आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। तटीय ओडिशा में भी कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। इसी तरह, तटीय पश्चिम बंगाल में भी कुछ जगहों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है। 28 अक्टूबर का दिन सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा में बारिश अपना सबसे घातक रूप ले सकती है। कुछ चुनिंदा स्थानों पर 24 घंटे की अवधि के भीतर 20 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज होने की संभावना है, जिसे मौसम विभाग अत्यंत भारी वर्षा की श्रेणी में रखता है। इस स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो सकती है, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त होने का खतरा है।

बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ पर भी असर

यद्यपि इस चक्रवात का सबसे ज्यादा प्रभाव आंध्र प्रदेश और ओडिशा में दिखेगा, लेकिन इसका असर दूरगामी हो सकता है। 28 और 29 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कई इलाकों में भी अच्छी-खासी बारिश होने और तेज हवाएं चलने के आसार हैं। मौसम विभाग इन सभी राज्यों की स्थितियों पर लगातार निगरानी रख रहा है और स्थिति के विकसित होते ही नियमित अपडेट जारी किए जा रहे हैं। सभी समुद्री एजेंसियों और बंदरगाह प्राधिकरणों को सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दे दिए गए हैं ताकि जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।

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