हरियाणा में गहराया बिजली संकट: 40 हजार कर्मचारियों की हड़ताल के बीच नायब सैनी सरकार लागू कर सकती है धारा 108

हरियाणा में एक निजी कंपनी को बिजली सप्लाई का लाइसेंस देने के फैसले के खिलाफ करीब 40 हजार कर्मचारी तीन दिनों की हड़ताल पर चले गए हैं। राज्य में गहराते बिजली संकट के बीच नायब सैनी सरकार बिजली एक्ट की धारा 108 का इस्तेमाल कर आयोग के फैसले पर रोक लगाने की तैयारी में है।

निजीकरण के विरोध में सड़कों पर उतरे 40 हजार कर्मचारी

हरियाणा में बिजली व्यवस्था को लेकर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। राज्य में एक निजी कंपनी को बिजली सप्लाई का लाइसेंस देने के निर्णय के विरोध में लगभग 40 हजार बिजली कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों के इस बड़े कदम के कारण पूरे प्रदेश में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है और कई हिस्सों में बिजली संकट गहराता जा रहा है।

धारा 108 के इस्तेमाल की तैयारी में नायब सैनी सरकार

बिजली आपूर्ति ठप होने से पैदा हुई स्थिति से निपटने के लिए मुख्यमंत्री नायब सैनी की सरकार सख्त रुख अपना रही है। राज्य सरकार बिजली एक्ट की धारा 108 का प्रयोग करने पर विचार कर रही है। इस प्रावधान के लागू होने से नियामक आयोग द्वारा निजी कंपनी को लाइसेंस देने के फैसले पर तुरंत रोक लगाई जा सकती है, जिससे हड़ताल खत्म कराने और व्यवस्था सामान्य करने का रास्ता साफ हो सके।

राज्यभर में बिजली व्यवस्था पर असर

कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के कारण राज्य के विभिन्न जिलों में रखरखाव और आपूर्ति से जुड़े काम प्रभावित हुए हैं। कर्मचारी संगठन निजी कंपनी को लाइसेंस दिए जाने का लगातार विरोध कर रहे हैं। दूसरी ओर, सरकार की प्राथमिकता राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल करना और आयोग के फैसले पर प्रशासनिक व कानूनी कदम उठाकर स्थिति को नियंत्रित करना है।

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