झालावाड़ में नाबालिग लड़की की खरीद-फरोख्त का सनसनीखेज मामला
राजस्थान के झालावाड़ जिले से मानव तस्करी और जबरन बाल विवाह का बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले के भवानीमंडी थाना क्षेत्र में एक 17 साल की नाबालिग किशोरी को शादी के नाम पर महज 4 लाख रुपए में बेच दिया गया। पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि किशोरी को स्टाम्प पेपर पर अमानवीय शर्तें लिखकर बंधक बनाकर रखा गया था। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
इस पूरे घिनौने खेल का भंडाफोड़ करते हुए भवानीमंडी थाना पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को अपनी हिरासत में लिया है। पकड़े गए आरोपियों में निम्नलिखित लोग शामिल हैं:
- पिता: जिसने अपनी ही 17 साल की नाबालिग बेटी का शादी के नाम पर सौदा किया।
- मामा: जिसने इस पूरी खरीद-फरोख्त में बिचौलिए की भूमिका निभाई।
- कथित पति: किशोरी से दोगुनी उम्र का व्यक्ति, जिसने 4 लाख रुपए देकर नाबालिग से जबरन विवाह किया।
हत्या की साजिश के इनपुट से खुली पूरी पोल
इस पूरे मामले की शुरुआत बेहद ही अलग तरीके से हुई थी। झालावाड़ पुलिस को सबसे पहले हत्या की साजिश से जुड़ा एक गोपनीय इनपुट मिला था। सूचना की संवेदनशीलता को देखते हुए झालावाड़ के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने तुरंत कार्रवाई और गहन जांच के निर्देश दिए। जब पुलिस टीम ने मामले की तहकीकात शुरू की, तो हत्या की साजिश के साथ-साथ नाबालिग लड़की की खरीद-फरोख्त और उसे जबरन वैवाहिक बंधन में बांधने के गंभीर तथ्य उजागर हुए। इसके बाद पुलिस ने खुद ही शिकायतकर्ता बनकर एफआईआर दर्ज की और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
स्टाम्प पेपर पर लिखी गई थीं अमानवीय शर्तें
जांच के दौरान पुलिस के सामने इस सौदे का एक और भयानक पहलू आया। आरोप है कि किशोरी को अपने साथ रखने के लिए आरोपियों ने एक स्टाम्प पेपर तैयार करवाया था, जिस पर कई अमानवीय शर्तें दर्ज की गई थीं। इन शर्तों के जरिए नाबालिग पर दबाव बनाया जा रहा था और उसे बंधक बनाकर रखा गया था। किशोरी की खरीद-फरोख्त और उसे बंधक बनाकर प्रताड़ित करने के इन गंभीर आरोपों की पुलिस बारीकी से जांच कर रही है।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज
भवानीमंडी थाना पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नाबालिगों की तस्करी और जबरन शादी कराने जैसे अपराधों में कड़ी सजा का प्रावधान है। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे तंत्र से जुड़े अन्य पहलुओं को भी सामने लाया जा सके।
मामले के हर पहलू की जांच जारी
झालावाड़ पुलिस की टीम इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच में जुटी हुई है। जांच अधिकारी विशेष रूप से इन बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं:
- हत्या की साजिश से जुड़े शुरुआती इनपुट की सच्चाई और उसके तार।
- खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों की भूमिका और 4 लाख रुपए के लेनदेन का विवरण।
- स्टाम्प पेपर पर लिखी गई शर्तों का कानूनी पक्ष और उसे तैयार करवाने वाले लोग।
पुलिस का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस मामले में कई और बड़े तथ्य सामने आ सकते हैं।
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