उत्तर से दक्षिण तक बदला मौसम का मिजाज
देश भर के मौसम में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। एक तरफ उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों जैसे जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हो रही बर्फबारी की वजह से मैदानी इलाकों में ठंड का असर महसूस किया जाने लगा है। दूसरी तरफ दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां अभी भी थमी नहीं हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में कई दक्षिणी राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।
दक्षिण के राज्यों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने सूचित किया है कि अगले 24 घंटों के भीतर दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे तमिलनाडु के तटों पर कम दबाव का क्षेत्र निर्मित हो सकता है। इस मौसमी हलचल के कारण 26 अक्टूबर तक तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में जोरदार बारिश होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त 21 से 26 अक्टूबर के बीच दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, लक्षद्वीप, केरल, यनम, रायलसीमा और माहे के क्षेत्रों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक रहने की संभावना है।
चेन्नई समेत 17 जिलों के लिए येलो अलर्ट
मौसम एजेंसी ने 23 अक्टूबर तक चेन्नई, तिरुवल्लूर, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, कुड्डालोर और तिरुचि समेत तमिलनाडु के कुल 17 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज के साथ बौछारें पड़ने और बिजली गिरने की आशंका है। यहां हवा की गति सामान्यतः 40 से 50 किमी प्रति घंटा रहेगी, लेकिन कुछ विशिष्ट स्थानों पर यह रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है। प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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