अचानक निरीक्षण से अस्पताल में मचा हड़कंप
बिहार के जहानाबाद जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत जानने के लिए जिलाधिकारी छिरिड़ वाई भूटिया ने सख्त रुख अपनाया है। बीते 19 अक्टूबर की शाम को उन्होंने जहानाबाद सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वे अस्पताल के विभिन्न वार्डों में पहुंचीं और वहां की कार्यप्रणाली को बारीकी से परखा। डीएम के अचानक पहुंचने से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई।
ड्यूटी से गायब मिले कर्मी, वेतन रोकने के आदेश
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि अस्पताल के कुछ महत्वपूर्ण कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के अपनी ड्यूटी से नदारद थे। डीएम ने इस लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लिया और दोषी कर्मियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्रवाई के निर्देश दिए।
- क्यूआरटी में तैनात आयुष चिकित्सक डॉ. दिपांकर किशोर रंजन बिना अनुमति ड्यूटी से गायब पाए गए। डीएम ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि चिकित्सक का वेतन रोका जाए और उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही के लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजा जाए।
- इसी प्रकार, जीएनएम उषा कुमारी भी ड्यूटी पर मौजूद नहीं मिलीं। डीएम ने उनके विरुद्ध भी नियम के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और उनका वेतन रोकने का आदेश जारी किया।
इमरजेंसी वार्ड की ली जानकारी
सदर अस्पताल के निरीक्षण के क्रम में डीएम ने इमरजेंसी वार्ड और कंट्रोल रूम का भी जायजा लिया। राहत की बात यह रही कि वहां तैनात अन्य चिकित्सक अपनी ड्यूटी पर मौजूद मिले। इस दौरान जिलाधिकारी ने वार्ड में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधे संवाद किया। उन्होंने मरीजों से अस्पताल में मिल रही दवाओं, इलाज की गुणवत्ता और उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया। मरीजों ने अस्पताल में मिल रही सेवाओं पर संतोष व्यक्त किया। जिलाधिकारी का यह औचक दौरा स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार और ड्यूटी के प्रति गंभीरता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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