आज का पंचांग, 20 अक्टूबर 2026: मंगलवार व्रत और दशहरे का महासंयोग, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

20 अक्टूबर 2026 को मंगलवार का व्रत और विजयादशमी का पर्व एक साथ मनाया जा रहा है। इस विशेष दिन पर पंचांग के अनुसार शुभ और अशुभ मुहूर्तों की पूरी जानकारी यहां प्राप्त करें।

20 अक्टूबर 2026 का पंचांग और महत्व

आज 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार का दिन अत्यंत विशेष माना जा रहा है क्योंकि आज मंगलवार व्रत के साथ विजयादशमी यानी दशहरे का पावन पर्व मनाया जा रहा है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि सुबह 10:52 बजे से आरंभ होकर रात 12:50 बजे तक रहेगी और इसके बाद दशमी तिथि का प्रवेश होगा। आज का दिन न केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, बल्कि रामभक्त हनुमान जी की उपासना के लिए भी अत्यधिक शुभ है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन चंद्रमा मकर राशि में गोचर करेंगे, जबकि सूर्य देव कन्या राशि में स्थित रहेंगे। भक्तजन इस संयोग को लेकर काफी उत्साहित हैं, क्योंकि हनुमान जी की भक्ति मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव को कम करने में सहायक मानी जाती है।

आज के प्रमुख मुहूर्त और समय सारिणी

पंचांग के अनुसार आज सूर्योदय सुबह 6:29 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 5:53 बजे होगा। चंद्रोदय की स्थिति दोपहर 2:16 बजे रहेगी और चंद्रास्त रात 1:39 बजे होगा। आज का दिशाशूल उत्तर दिशा में रहेगा, इसलिए इस दिशा की यात्रा करने से बचें। दिन के शुभ समय की गणना इस प्रकार है:

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 1:59 बजे से 2:45 बजे तक।
  • अपराह्न पूजा मुहूर्त: दोपहर 1:14 बजे से 3:30 बजे तक।
  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:48 से दोपहर 12:34 बजे तक।
  • अमृत काल: सुबह 6:34 बजे से 8:20 बजे तक।

अभिजीत मुहूर्त को दिन का सबसे फलदायी समय माना गया है, जिसमें आप अपने महत्वपूर्ण कार्यों को संपन्न कर सकते हैं।

हनुमान पूजा और विजयादशमी का महत्व

मंगलवार का दिन भगवान हनुमान और मंगल ग्रह की पूजा के लिए समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर भक्तों को सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। अपने पूजा स्थल पर हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करके उन्हें चमेली का तेल, सिंदूर, लाल फूल और गुड़-चने या बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं। इसके पश्चात हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करना बहुत ही पुण्यकारी माना जाता है। मान्यता है कि इससे न केवल मंगल दोष दूर होते हैं, बल्कि जीवन में साहस और आत्मविश्वास का संचार भी होता है। विजयादशमी का पर्व भगवान श्री राम की रावण पर विजय और देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय की स्मृति में मनाया जाता है। इस दिन भक्ति और सेवा के भाव को जागृत करना आवश्यक है।

20 अक्टूबर 2026: विस्तृत पंचांग विवरण

आज के पंचांग के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • तिथि: नवमी तिथि रात 12:50 बजे तक, उसके बाद दशमी तिथि।
  • नक्षत्र: श्रवण नक्षत्र शाम 6:02 बजे तक, उसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र।
  • करण: कौलव करण दोपहर 12:50 बजे तक, उसके बाद तैतिल करण रात 1:36 बजे (21 अक्टूबर) तक।
  • योग: शूल योग रात 12:50 बजे (21 अक्टूबर) तक, तत्पश्चात गण्ड योग।
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष।
  • दिन: मंगलवार।
  • चंद्र राशि: मकर राशि।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र गणना

आज के खगोलीय समय की जानकारी इस प्रकार है:

  • सूर्योदय: सुबह 6:25 बजे।
  • सूर्यास्त: शाम 5:48 बजे।
  • चंद्रोदय: दोपहर 2:24 बजे।
  • चंद्रास्त: रात 1:23 बजे (21 अक्टूबर)।

आज के अन्य शुभ और अशुभ मुहूर्त

दिन भर में होने वाली शुभ गतिविधियों के लिए समय का ध्यान रखना आवश्यक है। नीचे शुभ और अशुभ मुहूर्त की सूची दी गई है:

शुभ योग और समय

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:44 से 5:35 बजे तक।
  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:44 से दोपहर 12:29 बजे तक।
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 2:00 बजे से 2:46 बजे तक।
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:48 से 6:13 बजे तक।
  • निशिता मुहूर्त: रात 11:41 से 12:32 बजे (21 अक्टूबर) तक।
  • अमृत काल: सुबह 6:35 से 8:21 बजे तक।
  • रवि योग: पूरे दिन।

अशुभ काल और समय

  • राहुकाल: दोपहर 2:57 से शाम 4:22 बजे तक।
  • यमगण्ड: सुबह 9:16 से 10:41 बजे तक।
  • गुलिक काल: दोपहर 12:06 से 1:32 बजे तक।
  • विडाल योग: सुबह 6:25 से शाम 6:02 बजे तक।
  • दुर्मुहूर्त: सुबह 8:42 से 9:27 बजे तक।
  • वर्ज्य: रात 10:19 से 12:02 बजे (21 अक्टूबर) तक।

इन मुहूर्तों का ध्यान रखते हुए आप अपने आज के दिन की योजना बना सकते हैं। राहुकाल और यमगण्ड जैसे अशुभ समय में कोई भी नया कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।

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