राहुल गांधी की मुसीबत बढ़ी, अपनी ही पार्टी के दिग्गज नेताओं ने रिजीम चेंज के नैरेटिव पर दिया बड़ा बयान

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के रिजीम चेंज वाले बयानों पर अब उन्हीं की पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने असहमति जताई है। आनंद शर्मा और शशि थरूर ने साफ कर दिया है कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां सत्ता परिवर्तन केवल चुनावी नतीजों से ही संभव है।

पार्टी के अंदर से उठ रहे हैं सवाल

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को उनकी अपनी ही पार्टी के भीतर से कड़े विरोध और असहज करने वाली टिप्पणियों का सामना करना पड़ रहा है। यह पूरा विवाद रिजीम चेंज यानी सत्ता परिवर्तन की चर्चा को लेकर खड़ा हुआ है। राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है, लेकिन विपक्ष के कई नेता खुले मंचों से रिजीम चेंज की बातें कर रहे हैं और सरकार को खुली धमकियां देने से भी गुरेज नहीं कर रहे। इस परिदृश्य के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने ऐसे बयानों को पूरी तरह गैर-जिम्मेदार करार दिया है।

लोकतंत्र में तख्तापलट की कोई जगह नहीं

आनंद शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग भारत में रिजीम चेंज का सपना देख रहे हैं, वे लोकतंत्र की मूल भावना को ही नहीं समझते। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक लोकतांत्रिक राष्ट्र में सरकारें बदली जा सकती हैं और जनता नई सरकार चुनती है, लेकिन वहां रिजीम चेंज या तख्तापलट जैसी किसी अवधारणा के लिए कोई स्थान नहीं होता। शर्मा ने नसीहत देते हुए कहा कि जो लोग सरकार का विरोध कर रहे हैं, उन्हें केवल निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की मांग करनी चाहिए, न कि इस तरह की बेतुकी और अव्यावहारिक बातें करनी चाहिए जो देश के संवैधानिक ढांचे के खिलाफ हों।

शशि थरूर ने किया आनंद शर्मा का समर्थन

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने आनंद शर्मा की राय पर पूरी सहमति जताई है। थरूर ने दो टूक शब्दों में कहा कि भारत एक जीवंत लोकतांत्रिक देश है और यहां सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी तरह से वोटों के माध्यम से संपन्न होती है। उन्होंने उन लोगों को गलतफहमी का शिकार बताया जो भारत की तुलना नेपाल या बांग्लादेश जैसी स्थितियों से करने की कोशिश कर रहे हैं। शशि थरूर के अनुसार, भारत में रिजीम चेंज जैसा कोई विकल्प नहीं है क्योंकि यह भारत है, बांग्लादेश नहीं। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम केवल निष्पक्ष चुनाव की वकालत करना और लोगों के मताधिकार को मजबूत करना है ताकि जनता अपनी पसंद की सरकार चुन सके। चाहे लोग हमें पसंद करें या न करें, लेकिन हर व्यक्ति को वोट डालने का अधिकार मिलना ही चाहिए और ये सभी शुद्ध रूप से लोकतांत्रिक मुद्दे हैं, इनका रिजीम चेंज से कोई लेना-देना नहीं है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में वकील प्रशांत भूषण ने बयान दिया था कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं और रिजीम चेंज को अंजाम देकर ही दम लेंगे।

नरेंद्र मोदी पर जनता का अटूट भरोसा

कांग्रेस के भीतर से उठे इस विरोध के बाद भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी पर तंज कसने का मौका नहीं छोड़ा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी को घेरते हुए कहा कि जो नेता 99 बार अपनी लॉन्चिंग के क्वालिटी चेक में विफल रहे हैं, वे आज बीजेपी की एक्सपायरी डेट की बात कर रहे हैं। शिवराज ने कहा कि कांग्रेस ने हर संभव दांव आजमा लिया, लेकिन भारत की जनता ने हर बार राहुल गांधी को खारिज किया है। उन्होंने आगे कहा कि आज हर भारतीय का अटूट विश्वास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में है और जब तक यह भरोसा बना रहेगा, विपक्ष के नेता इसी तरह अपनी बौखलाहट जाहिर करते रहेंगे।

स्मृति ईरानी का तीखा हमला

बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने भी राहुल गांधी को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि राहुल गांधी पूरी तरह एक्सपोज हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले राहुल टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ खड़े नजर आते थे और अब वे बांग्लादेश मॉडल की तर्ज पर रिजीम चेंज का सपना देख रहे हैं। स्मृति ईरानी ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं का भीषण नरसंहार हुआ था, तो क्या राहुल गांधी और उनके सहयोगी रिजीम चेंज के नाम पर भारत में भी उसी तरह के कत्लेआम को बढ़ावा देना चाहते हैं?

https://www.indiatv.in/india/politics/congress-leader-anand-sharma-advice-to-rahul-gandhi-says-there-is-no-such-thing-as-regime-change-in-a-democratic-country-2026-10-19-1249821