न चुनाव की चाहत, न सत्ता का लालच: 'लाल HIT जनता पार्टी' ने सामने रखा अपना एजेंडा, CJP को दी खुली बहस की चुनौती

कॉकरोच जनता पार्टी के आक्रामक रवैये का मुकाबला करने उतरी 'लाल HIT जनता पार्टी' के संयोजक अयान भटनागर ने साफ कर दिया है कि उनका संगठन चुनाव नहीं लड़ेगा, बल्कि लोकतंत्र के नाम पर अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ जनसमूहों में जाकर बहस करेगा।

सियासी अखाड़े में नई जंग: 'लाल HIT जनता पार्टी' का बड़ा ऐलान

देश के राजनीतिक घटनाक्रम में एक दिलचस्प मोड़ देखने को मिल रहा है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के आक्रामक विरोध-प्रदर्शनों और कार्यशैली को चुनौती देने के लिए मैदान में उतरी लाल HIT जनता पार्टी ने अपने असली इरादे जाहिर कर दिए हैं। संगठन का कहना है कि उनकी न तो चुनाव लड़ने की कोई इच्छा है और न ही वे सत्ता की दौड़ में शामिल होना चाहते हैं। उनका मुख्य मकसद लोकतंत्र की आड़ में अराजकता का माहौल बनाने वाले तत्वों का पर्दाफाश करना और उन्हें आईना दिखाना है।

चुनाव लड़ना मकसद नहीं, अयान भटनागर ने किया रुख साफ

आईएएनएस (IANS) के साथ खास बातचीत में 'लाल हित जनता पार्टी' के संयोजक अयान भटनागर ने संगठन की दिशा और भावी योजनाओं पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी पार्टी का गठन किसी भी तरह का चुनाव लड़ने के उद्देश्य से नहीं हुआ है। संगठन का पूरा ध्यान सीजेपी की गतिविधियों और उसके देशव्यापी प्रदर्शनों की हवा निकालने पर केंद्रित रहेगा।

अयान भटनागर ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने वाले और देश में अव्यवस्था फैलाने वाले लोगों का विरोध करना ही उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, "हम अलग-अलग समूहों में, छोटे और बड़े पैमाने पर एकजुट होंगे। हम जनता के बीच जाकर अपने विचार और तर्क मजबूती से रखेंगे और अपने संदेश को आगे बढ़ाएंगे। हम उन्हें यह अहसास कराएंगे कि उन्हें खुली चुनौती देने के लिए अब 'लाल हिट जनता पार्टी' मैदान में मौजूद है।"

सीजेपी को दी खुली बहस की सीधी चुनौती

संयोजक अयान भटनागर ने सीजेपी के नेतृत्व को सीधे संवाद और सार्वजनिक बहस का न्योता दिया है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, "अगर आप में हिम्मत है, तो आगे आइए और हमारे साथ बहस कीजिए। यदि आप जीतते हैं, तो यह आपकी जीत मानी जाएगी और यदि हम जीतते हैं, तो यह हमारी जीत होगी।" इस बयान से यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में दोनों गुटों के बीच वैचारिक टकराव और तीखा हो सकता है।

NEET-UG आंदोलन से हुआ था सीजेपी का उदय

इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम को समझने के लिए सीजेपी की उत्पत्ति के घटनाक्रम पर नजर डालना जरूरी है। इसी साल जुलाई 2026 में NEET-UG 2026 परीक्षा में हुई धांधली के विरोध में देश भर में छात्रों का ऐतिहासिक आंदोलन छिड़ा था। इसी आंदोलन के बीच से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नाम के एक अनूठे छात्र-नेतृत्व वाले संगठन का जन्म हुआ था।

सीजेपी के आक्रामक और तीखे प्रदर्शनों के चौतरफा दबाव के कारण तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा तक देना पड़ा था। इसके लगभग एक महीने बाद ही सीजेपी के राजनीतिक तरीके पर तंज कसने और उस पर 'स्प्रे' करने के सांकेतिक मकसद के साथ 'लाल HIT जनता पार्टी' अस्तित्व में आई।

'SIR' प्रक्रिया का विरोध और जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई

वर्तमान में कॉकरोच जनता पार्टी का नेतृत्व अभिजीत दिपके कर रहे हैं। सीजेपी इन दिनों चुनाव आयोग की विवादित 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया का कड़ा विरोध कर रही है। सीजेपी की मुख्य मांग है कि इस 'SIR' प्रक्रिया को तुरंत वापस लिया जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें।

अपनी इन मांगों को लेकर सीजेपी ने 10 अक्टूबर 2026 को राजधानी दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर एक बड़े विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। हालांकि, प्रशासन और पुलिस ने इस प्रस्तावित आंदोलन पर कड़ा रुख अपनाया। दिल्ली पुलिस की इस व्यापक कार्रवाई के दौरान हजारों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और एहतियात के तौर पर राजधानी के कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई थीं।

अब जबकि लाल हित जनता पार्टी ने जनसमूहों में जाकर वैचारिक मोर्चेबंदी की घोषणा कर दी है, यह देखना दिलचस्प होगा कि सीजेपी इस चुनौती का क्या जवाब देती है और दिल्ली समेत देश की राजनीति में यह नया टकराव क्या मोड़ लेता है।

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