पाकिस्तान में लश्कर के वरिष्ठ आतंकी चौधरी मुहम्मद सरवर की सीढ़ियों से गिरकर मौत, कर्नल अजय रैना ने कसा तंज

पाकिस्तान के लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख आतंकी चौधरी मुहम्मद सरवर उर्फ अबू हाशिम की सीढ़ियों से फिसलकर गिरने के बाद मौत हो गई। अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर चुका सरवर लश्कर के टेरर फंडिंग नेटवर्क का मुख्य चेहरा था।

पाकिस्तान में भारत के दुश्मन चौधरी मुहम्मद सरवर का अंत

पाकिस्तान के लाहौर शहर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां भारत के खिलाफ आतंकी साजिशें रचने वाले प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक वरिष्ठ आतंकी चौधरी मुहम्मद सरवर उर्फ अबू हाशिम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सरवर की मौत सीढ़ियों से फिसलकर गिरने की वजह से हुई है। इस खबर के सामने आने के बाद से ही पाकिस्तान में आतंकियों के बीच हड़कंप मच गया है और उसकी मौत की असली वजह पर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।

चौधरी मुहम्मद सरवर लश्कर के वित्तीय तंत्र की मुख्य रीढ़ माना जाता था। उस पर अमेरिका द्वारा 2016 में कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे। लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख के रूप में काम कर चुका सरवर लंबे समय से भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को आर्थिक मदद पहुंचाने का काम कर रहा था। उसकी अचानक हुई इस मौत से आतंकी संगठन के पूरे फंडिंग नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

पूर्व कर्नल अजय रैना ने कसा तंज

आतंकी सरवर की मौत की खबर सार्वजनिक होते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। भारतीय सेना के रिटायर्ड कर्नल अजय रैना ने इस घटना पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि "लगता है किसी ने सीढ़ियों पर तेल लगा दिया। बहुत दुखद।" उनका यह बयान सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है।

कैसे हुई मौत? सामने आए परस्पर विरोधी दावे

पाकिस्तानी मीडिया और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चौधरी मुहम्मद सरवर अपने घर से पास स्थित मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए निकल रहा था, तभी यह हादसा हुआ।

  • स्थानीय समाचार चैनल 24NewsHD की रिपोर्ट के अनुसार, सीढ़ियों से गिरने के कारण उसके सिर में गंभीर चोट आई थी, जो उसकी मौत की वजह बनी।
  • कुछ अन्य रिपोर्टों में यह दावा भी किया गया कि सरवर लाहौर स्थित मार्कज कुदसिया परिसर की चौथी मंजिल से नीचे गिर गया था।
  • हालांकि, उसकी राजनीतिक पार्टी पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) के आधिकारिक प्रवक्ता ने मौत के सटीक कारणों की पुष्टि नहीं की है।

इन अलग-अलग दावों के कारण यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह महज एक हादसा था या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर उसकी मौत के कारणों पर संशय बना हुआ है।

कौन था लश्कर का आतंकी चौधरी मुहम्मद सरवर?

चौधरी मुहम्मद सरवर को आतंकी गतिविधियों में अबू हाशिम के नाम से भी जाना जाता था। वह लश्कर-ए-तैयबा के शुरुआती और संस्थापक सदस्यों में से एक था।

  • हाफिज सईद का बेहद करीबी: वह लश्कर के संस्थापक हाफिज सईद का अत्यंत करीबी माना जाता था और लंबे समय तक लाहौर में लश्कर के प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल चुका था।
  • अमेरिकी प्रतिबंध: अमेरिकी वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने 2016 में सरवर को विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था।
  • टेरर फंडिंग का मास्टरमाइंड: अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, सरवर लश्कर की आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने, उसे ट्रांसफर करने और वित्तीय नेटवर्क को संभालने में अहम भूमिका निभाता था।
  • अन्य आतंकियों से संबंध: अमेरिका ने उसी दौरान लश्कर के एक अन्य नेता शाहिद महमूद पर भी प्रतिबंध लगाए थे।
  • राजनीतिक चेहरा: सरवर पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) का पंजाब प्रांत का अध्यक्ष भी था। इस राजनीतिक दल को हाफिज सईद के संगठन जमात-उद-दावा का ही राजनीतिक मोर्चा माना जाता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरवर का अंतिम संस्कार लाहौर स्थित जामिया अल-कदसिया में आयोजित किया गया, जिसे जमात-उद-दावा का मुख्यालय बताया जाता है।

लश्कर-ए-तैयबा के लिए कितना बड़ा झटका?

लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के लिए फंडिंग और वित्तीय लेन-देन संभालने वाले चेहरे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। चौधरी मुहम्मद सरवर न केवल संगठन का एक पुराना और वरिष्ठ पदधारक था, बल्कि वह लश्कर के लिए संसाधन जुटाने का सबसे मजबूत जरिया था। उसकी मौत के बाद संगठन से जुड़े नेताओं ने गहरा शोक जताया है और इसे पार्टी तथा आतंकी नेटवर्क के लिए बड़ा नुकसान बताया है।

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