उद्धव ठाकरे अपनी पार्टी में सत्ता परिवर्तन नहीं रोक पाए, अब किस बदलाव की बात कर रहे हैं: देवेंद्र फडणवीस का जोरदार तंज

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण की सत्ता परिवर्तन वाली टिप्पणी का समर्थन करने पर शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तीखा हमला बोला है। फडणवीस ने कहा कि भारत में सरकार का बदलाव केवल संविधान और चुनावों के जरिए ही संभव है, सड़कों पर प्रदर्शनों से नहीं।

उद्धव ठाकरे पर देवेंद्र फडणवीस का तीखा हमला

नागपुर में एक बयान के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे पर जमकर निशाना साधा है। दरअसल, उद्धव ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के सत्ता परिवर्तन से जुड़े बयान की वकालत की थी। इस पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि जब उद्धव ठाकरे स्वयं अपनी पार्टी शिवसेना के भीतर हो रहे तख्तापलट को रोकने में पूरी तरह विफल रहे, तो फिर वे किस सत्ता परिवर्तन का जिक्र कर रहे हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जब उद्धव ठाकरे की पार्टी ने हिंदुत्व की विचारधारा से मुंह मोड़ लिया और शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांतों का परित्याग कर दिया, तब उनकी अपनी ही पार्टी में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। उन्होंने कहा कि जो नेता और कार्यकर्ता बालासाहेब ठाकरे की सोच व सिद्धांतों के प्रति निष्ठावान बने रहना चाहते थे, उन्होंने अलग होकर अपनी खुद की शिवसेना का गठन कर लिया।

सड़कों पर नहीं, चुनाव और संसद से तय होगी देश की सरकार

लोकतंत्र की व्यवस्था पर बात करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि विपक्षी दलों को देश के संविधान को चुनौती देना तुरंत बंद कर देना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में किसी भी प्रकार के राजनीतिक फैसले सड़कों पर नहीं, बल्कि संसद के भीतर और देश के संविधान के दायरे में रहकर ही किए जाएंगे। सीएम ने विपक्षी नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि वे संविधान के खिलाफ संघर्ष करना छोड़ दें।

मुख्यमंत्री ने आगे स्पष्ट किया कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में सत्ता बदलने का एकमात्र जरिया चुनाव ही होता है। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि देश में वर्तमान समय में पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार मजबूती से काम कर रही है।

विपक्ष के मंसूबों पर बरसे मुख्यमंत्री, 2029 का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विश्वास जताते हुए कहा कि वर्ष 2029 के चुनाव में भी पीएम मोदी एक बार फिर से देश की कमान संभालने के लिए चुनकर आएंगे। उन्होंने विपक्षी खेमे को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यदि विपक्ष सचमुच सत्ता बदलना चाहता है, तो उसे चुनावी मैदान में उतरना होगा, जनता के दिलों को जीतना होगा और लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव में विजय हासिल करनी होगी।

फडणवीस ने पड़ोसी देशों का उदाहरण देते हुए विपक्षी सोच पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग जो यह सपना देख रहे हैं कि भारत के संविधान को दरकिनार करके यहां भी नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और पाकिस्तान जैसी स्थिति पैदा की जा सकती है या सत्ता परिवर्तन किया जा सकता है, उनके ये इरादे कभी पूरे नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि भारत के पास बाबा साहब अंबेडकर द्वारा रचित एक शक्तिशाली संविधान है, जिसकी ताकत के आगे ऐसे किसी भी गलत मंसूबे को समाप्त कर दिया जाएगा।

उद्धव ठाकरे ने दिया था प्रशांत भूषण के बयान को समर्थन

यह पूरा विवाद शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के उस वक्तव्य के बाद खड़ा हुआ, जो उन्होंने शनिवार को दिया था। ठाकरे ने कहा था कि यदि भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार नागरिकों से मतदान और लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों के जरिए अपनी बात कहने का अधिकार छीन रही है, तो फिर ऐसी सत्ता को बदल देना चाहिए और विपक्ष इसके लिए आवाज उठा रहा है। उन्होंने इसी तर्क के साथ वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण की ओर से उठाई गई सत्ता परिवर्तन की मांग का खुला समर्थन किया था।

अपनी बात रखते हुए उद्धव ठाकरे ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा आयोजित किए गए विरोध प्रदर्शनों का जिक्र भी किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस हिंसा कर रही है। ठाकरे के अनुसार, पुलिस प्रशासन वहां शामिल युवाओं और महिलाओं के साथ मारपीट कर रहा है तथा उनके कपड़े तक फाड़ रहा है।

https://www.indiatv.in/maharashtra/cm-devendra-fadnavis-dig-at-shiv-sena-ubt-chief-uddhav-thackeray-on-regime-change-remarks-2026-10-18-1249559