राहुल गांधी पर महिला पत्रकार ने लगाए गंभीर आरोप, धक्का देने और चोटिल करने का दावा

एक महिला पत्रकार ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें धक्का देने और गर्भधारण की स्थिति में चोट पहुंचाने का गंभीर आरोप लगाया गया है।

महिला पत्रकार की शिकायत से बढ़ीं राहुल गांधी की मुश्किलें

कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता राहुल गांधी के सामने एक नई कानूनी चुनौती खड़ी हो गई है। एक महिला पत्रकार ने उन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दिल्ली पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई है। पत्रकार का दावा है कि बीते 12 अक्टूबर को दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट परिसर के भीतर राहुल गांधी ने उनके साथ धक्का-मुक्की की, जिससे वह गिर पड़ीं। महिला ने अपनी शिकायत में यह भी बताया है कि घटना के समय वह 11 सप्ताह की गर्भवती थीं।

शिकायत के अनुसार, राहुल गांधी के इस व्यवहार के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गईं, जिसके चलते उनके हाथों में चोट आई। इसके बाद उन्हें शारीरिक पीड़ा महसूस हुई, विशेषकर पेट के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें दिल्ली के प्रतिष्ठित सर गंगा राम अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उनका उपचार किया।

कानूनी कार्रवाई और एफआईआर की मांग

पीड़ित पत्रकार ऋचा पराशर ने इस मामले को लेकर संसद मार्ग के पुलिस उपायुक्त (DCP) को लिखित शिकायत सौंपी है। इस शिकायत में राहुल गांधी और उनके साथ मौजूद अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। महिला ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं, जिनमें 74, 115(2), 131, 125 और 3(5) शामिल हैं, के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग रखी है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और तय समय सीमा के भीतर जांच पूरी करने का आग्रह किया है। अस्पताल से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार, उन्हें 13 अक्टूबर को भर्ती कराया गया था और आवश्यक जांच तथा दवाएं देने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और विवाद

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य नेता सुप्रीम कोर्ट परिसर में अपने प्रदर्शन को लेकर चर्चा में रहे हैं। प्रदर्शन और नारेबाजी के दौरान मचे हंगामे को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने काफी नाराजगी जताई थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने इस घटनाक्रम पर कड़ा रुख अपनाते हुए राहुल गांधी को फटकार लगाई थी और नोटिस जारी किया था। न्यायालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि न्यायपालिका को किसी भी सूरत में धमकाया नहीं जा सकता। मालूम हो कि राहुल गांधी पिछले कुछ दिनों से चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

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