अलास्का की बर्फ में 13,800 साल से दफन था अमेरिका के आदिमानवों का खजाना, मिले हजारों दुर्लभ हथियार

पुरातत्वविदों को अलास्का में एक प्राचीन इंसानी बस्ती के अवशेष मिले हैं, जो 13,800 साल पुराने हैं और पश्चिमी गोलार्ध का सबसे पुराना घर माने जा रहे हैं।

अलास्का में मिली आदिमानव सभ्यता की झलक

पुरातत्वविदों ने अमेरिका के अलास्का में एक ऐसी ऐतिहासिक खोज की है, जिसने इंसानी इतिहास की टाइमलाइन को नई दिशा दी है। वैज्ञानिकों को मध्य अलास्का के एक सुदूर इलाके में 13,800 साल पुराने एक प्राचीन ठिकाने के प्रमाण मिले हैं। इस पुरातात्विक स्थल को पश्चिमी गोलार्ध का अब तक का सबसे पुराना ज्ञात इंसानी घर माना जा रहा है। इस खोज के दौरान हजारों की तादाद में प्राचीन पत्थर के हथियार, हड्डियों से निर्मित सिलाई वाली सुइयां और सजावटी पेंडेंट बरामद हुए हैं। इसके अतिरिक्त, वहां भेड़िए जैसे कुछ जानवरों के अवशेष भी मिले हैं, जिन्हें अमेरिका के सबसे शुरुआती पालतू कुत्तों के तौर पर देखा जा रहा है।

क्या है इस रहस्यमय जगह का महत्व

यह महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल अलास्का के फेयरबैंक्स शहर से लगभग 34 मील यानी 55 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व की दिशा में स्थित है। स्थानीय अथाबास्कन भाषा में इस स्थान को ‘शैग एक्स्टडाल्थी’ (Shégˊ Xdaltthˊíˊ) के नाम से जाना जाता है, जिसका अर्थ होता है- वे वहां थे। यह क्षेत्र पूर्वी बेरिंगिया का हिस्सा है। भौगोलिक दृष्टि से देखें तो बेरिंगिया वह विशाल भू-भाग था, जिसने हिमयुग के दौरान पूर्वोत्तर एशिया और पश्चिमोत्तर उत्तरी अमेरिका के बीच एक सेतु का काम किया था, जिसे बेरिंग लैंड ब्रिज भी कहा जाता है। ताजा शोध के अनुसार, वर्तमान मूल अमेरिकियों के पूर्वज लगभग 21,000 साल पहले इसी मार्ग से महाद्वीप में प्रविष्ट हुए थे। यह पूरी शोध रिपोर्ट साइंस एडवांसेज जर्नल में प्रकाशित हुई है।

खुदाई के दौरान वैज्ञानिकों को मिले चौंकाने वाले सुराग

कैनसस यूनिवर्सिटी की पुरातत्वविद और इस शोध कार्य की मुख्य लेखिका केली ग्राफ का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि शायद शिकार से जुड़े कुछ उपकरण या एक-आध चूल्हा मिलेगा। लेकिन, जब खुदाई ने जोर पकड़ा तो वहां से एक पूर्ण बेस कैंप निकल आया। यहां हजारों की संख्या में प्राचीन कलाकृतियां और उपकरण मिले, जो उस दौर की जीवनशैली का स्पष्ट प्रमाण देते हैं। वहां एक पुराने चूल्हे, एक छोटे गड्ढे और मिट्टी में लकड़ी के खंभों के स्पष्ट निशान मिले हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये खंभे किसी प्राचीन टेंट या अस्थायी आवास का हिस्सा रहे होंगे। इसके ठीक पास जमीन के अंदर बना एक बड़ा ओवन भी मिला है, जो कोयले और जानवरों की हड्डियों से भरा पाया गया। अनुमान है कि इसका उपयोग परिवार के सदस्यों के लिए धीरे-धीरे मांस पकाने के उद्देश्य से किया जाता रहा होगा।

एशिया और अमेरिका के हथियारों में समानता

इस स्थल से प्राप्त पत्थर के हथियारों की बनावट बेहद अनूठी है, जिन्हें विशेषज्ञ ‘डायमंड-शेप हाफ्टेड बिफेस’ कहते हैं। ये हथियार बेसाल्ट और रियोलाइट जैसे विशेष पत्थरों को तराश कर बनाए गए थे। हैरान करने वाली बात यह है कि इन हथियारों का आकार आधुनिक उत्तरी साइबेरिया में पाए जाने वाले प्राचीन उपकरणों से पूरी तरह मेल खाता है। यह समानता इस बात का ठोस संकेत है कि उस दौर में साइबेरिया से अमेरिका की ओर आए लोगों का एक गहरा सांस्कृतिक और तकनीकी संबंध था। इसके साथ ही, यहाँ मिली सिलाई की सुइयां अब तक खोजी गई दुनिया की सबसे पुरानी सुइयों में से एक मानी जा रही हैं, जो वहां रहने वाले लोगों की तकनीकी दक्षता और उनके कपड़ों या साजो-सामान के निर्माण की कला को दर्शाती है।

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