प्रशांत भूषण का बयान और राजनीतिक घमासान
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी दल इन दिनों चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ आक्रामक प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच गुरुवार को एक वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण द्वारा दिया गया बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। प्रशांत भूषण ने एक प्रेस वार्ता के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि उनका लक्ष्य भारत में रिजीम चेंज करना है और इसके लिए उन्हें जो कुछ भी करना पड़ेगा, वे पीछे नहीं हटेंगे। उनके इस विवादास्पद बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा है। भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी अब देश के उन दुश्मनों के साथ खड़े हो गए हैं, जो भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को अस्थिर करना चाहते हैं।
क्या बोले प्रशांत भूषण?
गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत भूषण के साथ नेहा बोरा और अभिजीत दिपके भी मौजूद थे। हालांकि नेहा बोरा और अभिजीत दिपके ने तख्तापलट जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया, लेकिन प्रशांत भूषण ने अपने इरादे जाहिर करने में कोई हिचकिचाहट नहीं दिखाई। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार चाहे कितनी भी कोशिश कर ले, वे झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि अब उनकी आवाज को दबाना नामुमकिन है और वे हर हाल में रिजीम चेंज यानी सरकार बदलने का अपना मिशन पूरा करके ही दम लेंगे।
भारत को पाकिस्तान या बांग्लादेश नहीं बनने देगी भाजपा
प्रशांत भूषण के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी की अगुवाई वाली आंदोलनकारी टीम का असली चेहरा अब जनता के सामने आ चुका है। संबित पात्रा के अनुसार, संवैधानिक संस्थाओं का विरोध महज एक बहाना है, जबकि राहुल गांधी का एकमात्र वास्तविक लक्ष्य किसी भी तरह से सत्ता हासिल करना है। पात्रा ने चेतावनी देते हुए कहा कि राहुल गांधी सत्ता पाने के लिए किसी भी सीमा तक जाने को तैयार हैं, लेकिन उनका यह सपना कभी साकार नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा किसी भी कीमत पर भारत को पाकिस्तान या बांग्लादेश जैसे हालात में नहीं बदलने देगी।
संबित पात्रा का बड़ा आरोप: राहुल देश के दुश्मनों के साथ
संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर हमला जारी रखते हुए कहा कि कांग्रेस नेता अब उन ताकतों से मिल गए हैं जो भारत के खिलाफ काम कर रहे हैं। पात्रा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जंतर मंतर से शुरू हुआ यह पूरा ड्रामा राहुल गांधी को प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाने के लिए रचा गया है, लेकिन यह मात्र मुंगेरीलाल के हसीन सपनों जैसा है। संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे हिंसा और अराजकता का सहारा लेकर देश में अस्थिरता फैलाकर सत्ता हथियाना चाहते हैं, लेकिन उनकी यह रणनीति कभी सफल नहीं होगी।
बांग्लादेश मॉडल से तुलना पर उठा विवाद
ज्ञानेश कुमार के विरोध में दिल्ली में हुए प्रदर्शन को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। AISA प्रेसिडेंट नेहा बोरा ने दिल्ली के प्रदर्शन की तुलना बांग्लादेश में हुए तख्तापलट से कर दी है। नेहा बोरा का तर्क है कि जिस प्रकार बांग्लादेश में युवाओं यानी GEN-Z ने सड़क पर उतरकर क्रांति की, वैसा ही स्वरूप दिल्ली में देखने को मिला। उन्होंने स्वीकार किया कि दिल्ली के प्रदर्शन की प्रेरणा उन्हें बांग्लादेश से ही मिली है। उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी के साथ सुप्रीम कोर्ट मार्च के दौरान नेहा बोरा मौजूद थीं और उन्हें राहुल की चाय पार्टी में भी आमंत्रित किया गया था। इस बयान के बाद भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि यह साबित करता है कि राहुल गांधी हिंसा के माध्यम से सत्ता पाने की साजिश रच रहे हैं। भाजपा का कहना है कि राहुल का 'बांग्लादेश मॉडल' अब देश के सामने एक्सपोज हो चुका है, लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए कि यह भारत है, जहां ऐसी साजिशें नाकाम रहेंगी।
https://www.indiatv.in/india/politics/rahul-gandhi-joined-hands-with-the-country-enemies-says-bjp-sambit-patra-on-prashant-bhushan-regime-change-remark-2026-10-15-1249087