पंजाब बंद का कई जिलों में दिखा व्यापक असर: परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में सड़कों पर सन्नाटा

एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की नृशंस हत्या के बाद पंजाब में भारी विरोध प्रदर्शन हो रहा है। मानसा एक्शन कमेटी द्वारा आहूत इस बंद के चलते कई जिलों में शिक्षण संस्थान और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हैं।

पंजाब में विरोध की लहर

पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ काम करने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में आज राज्यव्यापी बंद का आयोजन किया गया है। इस बंद के आह्वान का सीधा असर राज्य के कई प्रमुख जिलों में दिखाई दे रहा है। होशियारपुर, जालंधर, मोगा और मानसा जैसे शहरों में आज सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और आम जनजीवन प्रभावित है। शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ बाजार और दुकानें पूरी तरह से बंद रखी गई हैं।

शाम 5 बजे तक बंद का आह्वान

मानसा एक्शन कमेटी ने इस पूरे मामले में न्याय सुनिश्चित करने की मांग को लेकर आज शाम 5 बजे तक पंजाब बंद का ऐलान किया है। कमेटी का साफ तौर पर कहना है कि वे इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के इस्तीफे की मांग भी जोर-शोर से उठाई जा रही है। हालांकि कमेटी ने इस विरोध प्रदर्शन के शांतिपूर्ण रहने का दावा किया है, लेकिन बीते दिन मानसा प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन ने आरोपी अश्विनी के आवास और मेडिकल स्टोर को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया है, जिसके बाद आक्रोशित लोगों ने स्टोर में तोड़फोड़ और आगजनी भी की थी।

प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

परविंदर सिंह झोटा की हत्या से सिख संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस घटना के बाद बनी संयुक्त कार्य समिति ने केवल मुख्यमंत्री और DGP के इस्तीफे की ही मांग नहीं की है, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी सख्त प्रशासनिक कार्रवाई का दबाव बनाया है। समिति की प्रमुख मांगों में मानसा के SSP, DSP, SHO और ड्रग इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करना शामिल है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की लापरवाही के कारण ही यह घटना घटित हुई है।

किसान संगठनों का समर्थन और प्रदर्शन

झोटा के पिता भीम सिंह द्वारा किए गए बंद के आह्वान को राज्य भर में समर्थन मिल रहा है। अमृतसर में किसान मजदूर संघर्ष समिति ने आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान नेता सरवन सिंह पंढेर के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने अमृतसर के गोल्डन गेट पर मुख्यमंत्री का पुतला जलाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार नशीले पदार्थों के प्रसार को रोकने में पूरी तरह विफल रही है। उल्लेखनीय है कि परविंदर सिंह झोटा की हत्या तब हुई थी जब वह एक मेडिकल स्टोर मालिक से पूछताछ का फेसबुक लाइव कर रहे थे, जिस पर एक बुजुर्ग को नशे की दवाएं बेचने का आरोप था। यह घटना अब पंजाब की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन गई है।

https://www.indiatv.in/punjab/markets-at-many-places-remained-shut-and-private-schools-in-several-districts-closed-in-view-of-punjab-bandh-2026-10-15-1248957