सोशल मीडिया पर मची खलबली
अमेरिकी नौसेना के 251वें जन्मदिन के मौके पर देश के कई प्रमुख नेताओं और सार्वजनिक अधिकारियों से ऐसी भूल हो गई कि सोशल मीडिया पर उनकी खूब फजीहत हुई। नौसेना को बधाई देने की जल्दबाजी में इन नेताओं ने अमेरिकी युद्धपोतों के स्थान पर भारत और रूस के नौसैनिक जहाजों की तस्वीरें साझा कर दीं। इस पूरी घटना को दुनिया के सामने लाने का काम पत्रकार डेव ब्राउन ने किया, जिन्होंने एक के बाद एक कई नेताओं की पोस्ट का पर्दाफाश किया। जैसे ही मामला तूल पकड़ा, कई नेताओं ने अपनी पोस्ट हटा ली, लेकिन तब तक नेटिज़न्स ने उनके स्क्रीनशॉट ले लिए थे और इंटरनेट पर उनकी जमकर खिंचाई शुरू हो गई थी।
स्थापना और जश्न
अमेरिकी नौसेना की स्थापना 1775 में हुई थी, जो कि अमेरिका की आजादी की घोषणा से भी एक साल पहले का समय है। उस समय देश ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से मुक्ति के लिए संघर्ष कर रहा था। बीते मंगलवार, 13 अक्टूबर को अमेरिकी नौसेना ने अपना 251वां जन्मदिन मनाया। इस विशेष अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बधाई संदेशों की बाढ़ आ गई, जिसमें रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों ही पार्टियों के नेताओं ने भाग लिया। हालांकि, कुछ लोगों के लिए यह जश्न गौरव के बजाय शर्मिंदगी का कारण बन गया।
जॉर्जिया के गवर्नर से हुई बड़ी चूक
जॉर्जिया के रिपब्लिकन गवर्नर ब्रायन पी. केम्प ने अमेरिकी नौसेना को बधाई देते हुए एक संदेश लिखा, जिसमें उन्होंने देश की सुरक्षा और समुद्र में आजादी की रक्षा के लिए नौसैनिकों के साहस और त्याग को सलाम किया। इस पोस्ट के साथ उन्होंने तीन युद्धपोतों की एक तस्वीर साझा की, जिस पर 'Happy Birthday US Navy' लिखा हुआ था और जॉर्जिया राज्य की आधिकारिक मुहर भी लगी थी। पहली नजर में यह पोस्ट काफी प्रभावशाली लग रही थी, लेकिन हकीकत यह थी कि तस्वीर में दिख रहे जहाज अमेरिकी नहीं थे।
पत्रकार डेव ब्राउन ने इस गलती को तुरंत पकड़ लिया और स्पष्ट किया कि तस्वीर में भारतीय नौसेना के तीन फ्रिगेट - INS गोदावरी, INS ब्रह्मपुत्र और INS Beas दिखाई दे रहे हैं। पड़ताल में सामने आया कि यह तस्वीर साल 2008 की है, जब भारतीय और अमेरिकी नौसेनाएं एक संयुक्त सैन्य अभ्यास का हिस्सा बनी थीं। दिलचस्प बात यह है कि यह तस्वीर खुद अमेरिकी नौसेना के एक फोटोग्राफर ने ही खींची थी। हालांकि, X के कम्युनिटी नोट फीचर के जरिए कुछ लोगों ने इन जहाजों को कोलकाता क्लास के गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर बताने की कोशिश भी की, जो कि गलत जानकारी थी।
अन्य सांसदों और अधिकारियों का हाल
यह गलती केवल गवर्नर तक ही सीमित नहीं रही। ओहायो के रिपब्लिकन स्टेट रिप्रेजेंटेटिव माइक डोविला ने भी वही गलती दोहराई। उन्होंने जो तस्वीर शेयर की, उसे डेव ब्राउन ने रूसी नौसेना के युद्धपोत बताया। सबसे हैरानी की बात यह रही कि माइक डोविला स्वयं अमेरिकी नौसेना में लेफ्टिनेंट कमांडर के पद पर अपनी सेवा दे चुके हैं।
इसी तरह, अमेरिकी बॉर्डर पेट्रोल के अधिकारी जेफ्री जे. डिनिसे ने रूसी नौसेना के किरोव क्लास बैटलक्रूजर की तस्वीर पोस्ट कर दी। नॉर्थ कैरोलिना के सांसद टिम मूर ने भी वही गलती की और भारतीय नौसेना के फ्रिगेट्स वाली तस्वीर साझा की। वहीं, सैन डिएगो के डेमोक्रेटिक मेयर टॉड ग्लोरिया ने सोवियत दौर के क्रूजर मिखाइल कुतुजोव की तस्वीर का इस्तेमाल किया। यह जहाज वर्तमान में रूस के नोवोरोसिस्क में एक म्यूजियम शिप के तौर पर खड़ा है। इसके अतिरिक्त, फ्रीडम कॉकस फाउंडेशन के सोशल मीडिया अकाउंट ने भारतीय नौसेना के INS Trikand की तस्वीर पोस्ट कर दी।
सोशल मीडिया पर यूजर्स की प्रतिक्रिया
इन गलतियों के सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने नेताओं की जमकर क्लास ली। एक यूजर ने तंज कसा कि क्या अब अमेरिकी युद्धपोत भी H-1B वीजा पर आने लगे हैं। वहीं दूसरे यूजर ने लिखा कि यह जानकर दुख हुआ कि अमेरिकी नेता अपने ही देश की नौसेना के जहाजों को पहचानने में उतने ही अक्षम हैं, जितने कि वायुसेना के विमानों को लेकर। कुछ यूजर्स ने सवाल किया कि क्या अब अमेरिका ने दूसरे देशों के सैन्य साजो-सामान को अपना बताने का नया चलन शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर छिड़ी इस बहस ने यह स्पष्ट कर दिया कि नेताओं की सोशल मीडिया टीमें बिना जांचे-परखे किसी भी फोटो को शेयर कर देती हैं, जिससे न केवल उनकी बल्कि देश की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फजीहत होती है।
https://hindi.news18.com/world/america-us-politicians-mistakenly-used-indian-and-russian-warship-photos-to-mark-us-navy-251st-birthday-10908566.html