टुल्लू पंप में आ रही थरथराहट और कम प्रेशर की समस्या, इन 5 उपायों से खुद ठीक करें पंप

खेती और घरेलू इस्तेमाल में आने वाले इलेक्ट्रिक टुल्लू पंप अक्सर रखरखाव की कमी से खराब हो जाते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार पंप के दबाव और वाइब्रेशन से जुड़ी इन पांच आम समस्याओं को सही तरीके से पहचानकर आप घर पर ही इनका समाधान कर सकते हैं.

टुल्लू पंप की कार्यक्षमता बनाए रखने के टिप्स

खेती-बाड़ी में फसलों की अच्छी पैदावार और समय पर सिंचाई के लिए पानी का सही प्रबंधन बेहद आवश्यक है. किसान भाई इसके लिए बड़ी तादाद में इलेक्ट्रिक टुल्लू पंपों का सहारा लेते हैं. लेकिन लगातार इस्तेमाल के कारण और समय पर सर्विसिंग या रखरखाव न हो पाने से इन मशीनों में कई प्रकार की तकनीकी दिक्कतें सामने आने लगती हैं. बोकारो के पंप एक्सपर्ट विकास ने इलेक्ट्रिक टुल्लू पंप में आने वाली पांच मुख्य समस्याओं और उनके बचाव के लिए कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं.

थरथराहट और आवाज का कारण

विकास के अनुसार यदि आपका टुल्लू पंप चलते समय बहुत ज्यादा थरथराहट कर रहा है या उसमें से अजीब शोर आ रहा है, तो इसकी सबसे बड़ी वजह यह होती है कि पंप या उसके सेक्शन पाइप के अंदर ठीक से पानी नहीं भरा होता है. इस स्थिति में पंप और सेक्शन पाइप को पूरी तरह पानी से भरना अनिवार्य है. यदि सेक्शन लिफ्ट ज्यादा है, तो पंप को नीचे की तरफ खिसकाकर पानी के स्रोत के और नजदीक स्थापित करें. इसके अलावा अक्सर देखा गया है कि पंप की बेयरिंग घिस जाने के कारण भी मशीन में वाइब्रेशन की समस्या उत्पन्न हो जाती है. ऐसी स्थिति में बेयरिंग को तुरंत चेक करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर नई बेयरिंग डलवा लेनी चाहिए.

पानी का कम प्रेशर होने की वजह

कई बार शिकायत आती है कि पंप चल तो रहा है लेकिन उससे पानी बहुत कम मात्रा में आ रहा है. इसके पीछे का एक मुख्य कारण इंजन की घूमने की गति में कमी हो सकता है. दूसरी बड़ी वजह सेक्शन लाइन में लीकेज का होना है, जिससे हवा अंदर आती है और प्रेशर कम हो जाता है. अक्सर पंप के अंदर लगा इंपेलर खराब हो जाता है या उसमें कचरा फंस जाता है, जिसकी वजह से पानी का दबाव पूरी तरह नहीं बन पाता है. इंपेलर असल में पंप के भीतर लगा एक पंखे के आकार का हिस्सा होता है, जो पानी को तेज दबाव के साथ आगे धकेलता है. यदि यह हिस्सा खराब है तो इसे बदल देना ही समझदारी है.

पानी का प्रवाह न मिलने की समस्या

यदि पंप पानी डिलीवर नहीं कर रहा है तो इसका एक प्रमुख कारण सेक्शन लिफ्ट का बहुत ऊंचा होना हो सकता है. ऐसी परिस्थिति में पंप को पानी के स्रोत के जितना संभव हो सके करीब रखें. यह सुनिश्चित करना भी बेहद जरूरी है कि फुटवॉल पानी के अंदर पूरी तरह से डूबा हुआ हो. यदि फुटवॉल पानी में सही से नहीं डूबा होगा, तो पंप तक पानी की आपूर्ति नहीं हो पाएगी और वह हवा खींचेगा. पंप शुरू करने से पहले केसिंग और सेक्शन पाइप को पानी से पूरी तरह भर लेना चाहिए ताकि सिस्टम में सही प्रेशर बन सके और पानी का प्रवाह बना रहे.

पंप का रख-रखाव और सावधानी

पंप की लंबी उम्र सुनिश्चित करने के लिए उसे लंबे समय तक लगातार चलाने से बचना चाहिए. विशेषज्ञ की राय के अनुसार करीब चार घंटे लगातार पंप चलाने के बाद उसे कम से कम आधे घंटे के लिए बंद कर देना चाहिए ताकि इंजन को आराम मिल सके. यदि पंप चलते समय अत्यधिक गर्म हो जाए या उसमें से किसी तरह की असामान्य आवाज आने लगे, तो उसे तुरंत बंद कर दें. जब तक पंप का तापमान सामान्य न हो जाए, उसे दोबारा शुरू न करें. इसके अलावा किसानों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि पंप चलते समय बिना किसी झटके के सामान्य तरीके से काम कर रहा हो.

नियमित सफाई और निरीक्षण

पानी के स्रोत जैसे कुएं या तालाब के जलस्तर पर लगातार नजर रखना जरूरी है. सेक्शन पाइप का सिरा हमेशा पर्याप्त पानी में रहना चाहिए ताकि पंप को हमेशा पानी की सप्लाई मिलती रहे. इसके साथ ही पाइप की लीकेज की नियमित जांच करते रहें. समय-समय पर पंप के इंपेलर और बेयरिंग की जांच करने से आप बड़ी खराबी आने से पहले ही उसे ठीक कर सकते हैं. इन छोटे-छोटे सुझावों को अपनाकर आप न केवल टुल्लू पंप की कार्यक्षमता बेहतर बनाए रख सकते हैं, बल्कि उसे लंबे समय तक बिना किसी परेशानी के चला सकते हैं.

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