चुनाव आयोग का चुनावी मिशन
आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में चुनाव आयोग ने जमीनी स्तर पर अपनी सक्रियता को और अधिक पुख्ता करने का निर्णय लिया है। आयोग की एक विशेष टीम 12 अक्टूबर से पांच राज्यों के व्यापक दौरे पर निकल रही है। इस दौरे की शुरुआत सीधे तौर पर उत्तराखंड से की जा रही है।
डिप्टी चुनाव आयुक्त की अगुवाई में चुनाव आयोग के उच्च अधिकारियों का दल दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंचेगा। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य राज्य में आगामी चुनाव की तैयारियों की बारीकी से समीक्षा करना है। इस दौरान आयोग की टीम राज्य के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ अहम बैठकें करेगी। इन बैठकों में प्रशासनिक तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया के सुचारू संचालन से जुड़े सभी तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। चुनाव आयोग का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि मतदान प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके और चुनाव प्रबंधन में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए।
भाजपा की चुनावी रणनीति और विस्तारक योजना
चुनाव आयोग की तैयारियों के साथ ही राज्य की राजनीतिक पार्टियां भी अपनी कमर कस रही हैं। उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी संगठनात्मक गतिविधियों को तेज कर दिया है। इसी रणनीति के तहत पार्टी की प्रदेश इकाई ने जमीनी स्तर पर जनसंपर्क को मजबूत करने के लिए 'विस्तारक' योजना के अंतर्गत संयोजकों और सह-संयोजकों की नई सूची सार्वजनिक की है।
पार्टी के आधिकारिक निर्देशों के अनुसार, नलिन भट्ट को इस योजना का प्रदेश संयोजक नियुक्त किया गया है। उनके साथ सहयोग करने के लिए दिनेश खुल्बे, अखिलेश डबराल, विक्रम कंडारी, त्रिलोक सिंह बुटोला और मोहित कौशिक को सह-संयोजक का दायित्व सौंपा गया है। पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट की सहमति के बाद प्रदेश महामंत्री ने इन नामों की घोषणा की है।
कार्यशाला और प्रशिक्षण का रोडमैप
पार्टी की कार्ययोजना के बारे में जानकारी देते हुए मनवीर सिंह चौहान ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इस पूरी योजना को सफल बनाने के लिए 70 पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं की एक टीम पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने तक सक्रिय रहेगी।
इसके अलावा, पार्टी ने आगामी 13 और 14 अक्टूबर को काशीपुर में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन करने का निर्णय लिया है। इस कार्यशाला में विधानसभा क्षेत्रों के लिए नियुक्त किए गए विस्तारकों और प्रभारियों को राजनीतिक एवं रणनीतिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने बताया कि सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों के लिए नियुक्त पदाधिकारी इस प्रशिक्षण सत्र में भाग लेंगे।
कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में वरिष्ठ नेताओं द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा, जिनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित नाम शामिल हैं:
- बी. एल. संतोष, राष्ट्रीय महामंत्री
- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
- राम माधव, प्रदेश प्रभारी
- अरविंद मेनन, सह-प्रभारी
- महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य
- फणींद्रनाथ शर्मा, प्रदेश महामंत्री (संगठन)
यह प्रशिक्षण सत्र संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और चुनाव के दौरान अपनाई जाने वाली रूपरेखा को स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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